जब National Testing Agency (NTA) ने JEE Main 2026 के परिणाम घोषित किए, तो हवा में एक अजीब सी खामोशी थी। नहीं, यह निराशा की खामोशी नहीं थी, बल्कि हैरानी की थी। कुल मिलाकर 26 उम्मीदवारों ने उस असंभव को संभव कर दिया—वे सभी ने 100 परसेंटाइल स्कोर हासिल किया। यह आंकड़ा सिर्फ एक नंबर नहीं है; यह भारत के प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत का प्रतीक है। विशेष रूप से, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे दक्षिणी राज्यों ने इस बार सबसे अधिक टॉपर्स उत्पन्न किए हैं, जो उनकी शैक्षणिक तैयारी के मानकों को दर्शाता है।
परिणाम जारी होने के बाद, लाखों छात्रों ने ऑफिशियल पोर्टल पर अपने स्कोरकार्ड चेक करने के लिए लंबे समय तक इंतजार किया। लेकिन कहानी सिर्फ टॉपर्स तक सीमित नहीं है। लगभग 11.06 लाख उम्मीदवारों ने भारत में और 4,229 उम्मीदवारों ने विदेश में पंजीकरण कराया था। इनमें से लगभग 93% छात्रों ने परीक्षा दी, और आधار ऑथेंटिकेशन की दर 97% रही। यही वह जगह है जहां वास्तविक डेटा और समाचार रिपोर्टों के बीच कभी-कभी भ्रम फैल जाता है। सटीक उपस्थिति वाले छात्रों की कुल संख्या अभी तक स्पष्ट रूप से प्रकाशित नहीं हुई है, हालांकि पंजीकरण के आंकड़े काफी स्पष्ट हैं।
टॉपर्स का विश्लेषण: किन राज्यों ने दिखाई चमत्कारी प्रदर्शन?
26 छात्रों द्वारा 100 परसेंटाइल स्कोर करना कोई मामूली बात नहीं है। NTA के अनुसार, जब किसी छात्र ने दोनों सत्रों (Session 1 और Session 2) में भाग लिया है, तो उसके सर्वोच्च स्कोर को ही अंतिम परिणाम के लिए माना गया है। इस 'बेस्ट ऑफ' नियम ने कई छात्रों को बेहतर रैंक दिलाने में मदद की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टॉपर्स की सूची में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के छात्रों की संख्या सबसे अधिक है। यह रुझान पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है, जहाँ दक्षिण भारत के शिक्षण संस्थानों और कोचिंग संस्कृति ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में अपनी पहचान बनाई है। General-EWS श्रेणी के टॉपर्स का NTA स्कोर भी 100.0000000 दर्ज किया गया है, जो कि अधिकतम संभव स्कोर है। यह आधिकारिक PDF दस्तावेज़ों में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है।
परीक्षा की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियाँ
JEE Main 2026 की यात्रा काफी पहले शुरू हो गई थी। यदि आपने आवेदन प्रक्रिया का ध्यान से अध्ययन किया हो, तो आपको याद होगा कि ऑनलाइन आवेदन 31 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए थे और 27 नवंबर 2025 को रात 11:50 बजे तक समाप्त हुए। इसके बाद, 1 दिसंबर 2025 से 2 दिसंबर 2025 तक एक 'करेक्शन विंडो' खुली रही, जहाँ छात्र अपने फॉर्म में छोटे-मोटे बदलाव कर सकते थे।
परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की गई:
- सत्र 1 (जनवरी): 21 जनवरी 2026 से 29 जनवरी 2026 (कुछ रिपोर्ट्स में 30 जनवरी तक का उल्लेख है)।
- सत्र 2 (अप्रैल): 1 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 (विभिन्न स्रोतों में तिथियों में थोड़ा अंतर दिखाई देता है, जैसे 2-8 अप्रैल या 1-10 अप्रैल)।
यह अंतर अक्सर भ्रम का कारण बनता है, इसलिए छात्रों को हमेशा NTA की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करनी चाहिए। Careers360 और Testbook जैसे स्रोतों में ये तिथियाँ थोड़ी भिन्न हो सकती हैं, लेकिन मूल ढांचा वही रहता है।
आवेदन शुल्क और पात्रता: क्या जानना जरूरी है?
पैसे की बात करें, तो JEE Main 2026 के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी और लिंग के आधार पर निर्धारित किया गया था। सामान्य (General), General-EWS और OBC श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों के लिए शुल्क ₹1,000 था। वहीं, इन श्रेणियों की महिलाओं के लिए यह ₹800 था। SC, ST, PwD (Divyangjan) और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए शुल्क ₹500 निर्धारित किया गया था। यह छूट नीति कमजोर वर्गों को प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करती है।
पात्रता के नियम भी कड़े हैं। CollegeDekho की रिपोर्ट के अनुसार, कोई भी उम्मीदवार 12वीं कक्षा पास करने के वर्ष से लगातार तीन वर्षों तक JEE Main दे सकता है। हर साल दो सत्र होते हैं, जिसका मतलब है कि अधिकतम छह प्रयास (attempts) उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन वे तीन कैलेंडर वर्षों में फैले होते हैं। यदि आप 2024 या 2025 में 12वीं पास हुए हैं, तो आप 2026 में भी पात्र हैं।
परीक्षा हॉल में क्या हुआ? कैलकुलेटर का बंद होना
एक रोचक बात यह है कि JEE Main 2026 में भौतिक कैलकुलेटर (physical calculator) की अनुमति नहीं थी। न ही स्क्रीन पर वर्चुअल कैलकुलेटर उपलब्ध था। इसका मतलब था कि छात्रों को बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक सहायता के गणनाएं करनी थीं। यह नियम छात्रों की बुनियादी गणितीय क्षमताओं को परखने के लिए लागू किया गया था, जो कि इंजीनियरिंग के लिए अनिवार्य है।
उपस्थिति दर 93% रही, जो कि काफी अच्छा आंकड़ा है। इसका मतलब है कि अधिकांश पंजीकृत छात्रों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। हालांकि, सटीक उपस्थित छात्रों की संख्या अभी तक आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं हुई है, जो कि एक छोटा सा खामी है। Navbharat Times और अन्य स्रोतों में पंजीकरण के आंकड़े दिए गए हैं, लेकिन 'appeared candidates' की सटीक संख्या का उल्लेख स्पष्ट रूप से नहीं है।
आगे क्या? काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया
परिणाम आने के बाद अब खेल का असली मैदान शुरू होता है—काउंसलिंग। JEE Main के स्कोर के आधार पर IITs, NITs, IIITs और अन्य GFTIs में प्रवेश मिलता है। 100 परसेंटाइल स्कोर करने वाले छात्र अब शीर्ष कॉलेजों में सीट सुरक्षित करने के लिए तैयार हैं। NTA जल्द ही श्रेणीवार टॉपर्स की सूची और काउंसलिंग की तिथियों की घोषणा करेगा।
यह याद रखना जरूरी है कि JEE Advanced के लिए योग्यता भी JEE Main के परसेंटाइल स्कोर पर निर्भर करती है। इसलिए, जो छात्र IIT में प्रवेश चाहते हैं, उन्हें अब JEE Advanced की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।
Frequently Asked Questions
JEE Main 2026 में कितने छात्रों ने 100 परसेंटाइल स्कोर हासिल किया?
कुल मिलाकर 26 उम्मीदवारों ने JEE Main 2026 में 100 परसेंटाइल स्कोर प्राप्त किया है। इनमें से अधिकांश टॉपर्स आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य से हैं। NTA ने दोनों सत्रों में से सर्वोच्च स्कोर को अंतिम परिणाम के लिए माना है।
JEE Main 2026 की परीक्षा तिथियाँ क्या थीं?
सत्र 1 की परीक्षा 21 जनवरी 2026 से 29 जनवरी 2026 (कुछ स्रोतों में 30 जनवरी तक) के बीच आयोजित की गई थी। सत्र 2 की परीक्षा 1 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 (कुछ रिपोर्ट्स में 2-8 अप्रैल) के बीच हुई। तिथियों में थोड़ा भिन्नता देखने को मिली है, इसलिए आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें।
JEE Main 2026 के लिए आवेदन शुल्क कितना था?
सामान्य, EWS और OBC श्रेणी के पुरुषों के लिए शुल्क ₹1,000 था, महिलाओं के लिए ₹800 था। SC, ST, PwD और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए शुल्क ₹500 निर्धारित किया गया था। यह शुल्क आवेदन प्रक्रिया के दौरान ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से चुकाया जाता है।
क्या JEE Main 2026 में कैलकुलेटर की अनुमति थी?
नहीं, JEE Main 2026 में न तो भौतिक कैलकुलेटर की अनुमति थी और न ही ऑन-स्क्रीन वर्चुअल कैलकुलेटर उपलब्ध था। छात्रों को बिना किसी कैलकुलेटर के सभी गणनाएं करनी थीं, जो कि परीक्षा के नियमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
JEE Main में प्रयासों की अधिकतम संख्या कितनी है?
एक उम्मीदवार 12वीं कक्षा पास करने के वर्ष से लगातार तीन वर्षों तक JEE Main दे सकता है। चूंकि हर साल दो सत्र होते हैं, इसलिए कुल छह प्रयास संभव हैं, लेकिन वे तीन कैलेंडर वर्षों में सीमित हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप 2024 में 12वीं पास करते हैं, तो आप 2024, 2025 और 2026 में परीक्षा दे सकते हैं।
JEE Main 2026 में कुल कितने छात्र उपस्थित रहे?
लगभग 11.06 लाख छात्रों ने भारत में और 4,229 छात्रों ने विदेश में पंजीकरण कराया था। उपस्थिति दर लगभग 93% रही है। हालांकि, उपस्थित छात्रों की सटीक कुल संख्या अभी तक आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं हुई है, हालांकि पंजीकरण के आंकड़े स्पष्ट हैं।