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चुनावों से पहले भाजपा सरकार को हाईकोर्ट से लगा तगड़ा झटका, मोदी-शाह के उड़ेंगे होश

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मणिपुर उच्च न्यायालय ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए सात विधायकों के विधानसभा में प्रवेश पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने विधानसभा के अध्यक्ष वाई खेमचंद को इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश नोबिन सिंह ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जब तक विधानसभा अध्यक्ष अयोग्य करार देने के मामले में सुनवाई पूरी नहीं कर लेते तब तक ओनिम लोखोई सिंह, केबी सिंह, पीबी सिंह, संसाम बीरा सिंह, नग्मथंग हाओकिप, गिन्सुनाऊ और वाईएस सिंह के विधानसभा में प्रवेश करने पर रोक लगी रहेगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने छह जून को सभी सात विधायकों की याचिका खारिज कर दी थी। विधानसभा अध्यक्ष के ट्रिब्यूनल में इन सातों विधायकों के खिलाफ मामला चल रहा है। इन सभी से 12 जून तक जवाब मांगा गया है। राज्य में 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी, जिसमें इन विधायकों के विधानसभा में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की गयी थी।


कांग्रेस के इन सात विधायकों के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद कांग्रेस के अन्य विधायकों ने इनकी सदस्यता रद्द किये जाने की मांग की थी। उच्चतम न्यायालय ने 21 जनवरी को विधायकों को अयोग्य करार देने के मामले में अपना फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्व मंत्री श्याम कुमार को अयोग्य करार दे दिया था। कुमार कांग्रेस की टिकट पर विधायक चुने गये थे, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह की सरकार में वह मंत्री बने थे।