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अगर चल रही है शनि साढ़े साती तो भूलकर भी न करें ऐसे काम, जानिये क्या है मान्यता

शनि वर्तमान में मकर राशि में गोचर है। इस समय धनु वालों पर शनि साढ़े साती का अंतिम चरण, मकर वालों पर दूसरा चरण और कुंभ वालों पर इसका पहला चरण चल रहा है।

शनि साढ़े साती यानी शनि ग्रह की साढ़े सात साल तक चलने वाली दशा जो हर व्यक्ति के जीवन काल में कम से कम एक या उससे अधिक बार भी आ जाती है। ज्योतिष शास्त्र अनुसार सौरमंडल में मौजूद ग्रह एक राशि से दूसरे राशि में भ्रमण करते रहते हैं। सभी ग्रहों में शनि की चाल सबसे धीमी मानी जाती है। शनि ग्रह एक राशि से दूसरी राशि तक जाने में ढाई साल का समय लेता है।

शनि साढ़े साती का प्रभाव: शनि वर्तमान में मकर राशि में गोचर है। इस समय धनु वालों पर शनि साढ़े साती का अंतिम चरण, मकर वालों पर दूसरा चरण और कुंभ वालों पर इसका पहला चरण चल रहा है। मान्यता है कि शनि एक पापी ग्रह है जिसकी कुंडली में उपस्थिति व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने वाली मानी जाती है। ऐसा भी कहा जाता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। यानी अगर कुंडली में शनि शुभ स्थिति में विराजमान हैं तो वो जातक की तरक्की का रास्ता खोलते हैं वहीं अगर अशुभ हैं तो तमाम तरह के कष्टों से इंसान को गुजरना पड़ता है।

शनि साढ़े साती के समय क्या काम न करें: अगर आप पर शनि की साढ़े साती चल रही है तो सबसे पहले तो किसी ज्योतिष को अपनी कुंडली दिखा लें। ये जानने की कोशिश करें कि शनि का आपके ऊपर शुभ प्रभाव है या नहीं। अगर कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर है तो शनि साढ़े साती के दौरान ये कुछ काम करने से बचें…

– ऐसा कोई कार्य जिसमें जोखिम हो न करें।
– शनि साढ़े साती के दौरान चौट लगने का काफी खतरा रहता है इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
– साढ़े साती के समय हमें किसी से भी वाद-विवाद करने से बचना चाहिए क्योंकि दुश्मनी बढ़ने के आसार रहते हैं।
– संभव हो तो रात के समय अकेले यात्रा न करें।
– शनिवार और मंगलवार के दिन काले कपड़े, चमड़े और लोहे के सामान नहीं खरीदने चाहिए।