Categories
धार्मिक

भुलकर भी कभी ना करें ऐसे कर्म नहीं तो अगले जन्म में मिलेगा कुत्ते का जन्म😭😭….

धार्मिक

इस जन्‍म में मनुष्‍य योन‍ि मिलने का अर्थ यह नहीं कि अगला जन्‍म भी इसी योन‍ि में मिलेगा। क्‍योंकि जीवन-मरण और अगला जन्‍म सबकुछ कर्मों के आधार पर ही तय होता है। लेकिन कई बार गल‍त कार्य करने वाले यह सोचते हैं कि कोई उन्‍हें देख नहीं रहा है। तो क्‍या समस्‍या है। इसी आधार पर कई बार लोग दूसरों को हान‍ि पहुंचाते हैं। कभी बेवजह क‍िसी की हत्‍या कर देते हैं तो कभी चौरी-डकैती या फिर अपनों के साथ धोखाधड़ी। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इन सारे कर्मों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इनके आधार पर सियार, गिद्ध, सांप, गधा और कौंच योन‍ि में जन्‍म मिल सकता है। तो कर्म थ्‍योरी के आधार पर कौन से कर्म से कौन सी योन‍ि मिलती है। आइए जानते हैं….

2/7इन्‍हें भोगना पड़ता है भयंकर नर्क

कथा मिलती है कि एक बार महर्षि वेद-व्‍यास से ऋषियों ने पूछा कि किस कर्म से कौन सी योन‍ि में जन्‍म मिलता है? तब उन्‍होंने विस्‍तारपूर्वक बताया। वेद-व्‍यास जी ने बताया कि जो भी व्‍यक्ति पराई स्‍त्री के साथ संबंध बनाता है। उसे भयानक नर्क भोगना पड़ता है। इसके बाद एक के बाद एक अलग-अलग योन‍ियों में भटकना पड़ता है।

3/7ऐसे कर्म करने वाले बनते हैं भेड़‍िया

महर्षि वेद-व्‍यास ने कहा क‍ि हर स्‍त्री का आदर करना चाहिए। कभी भी किसी भी स्‍त्री को परेशान नहीं करना चाहिए। अन्‍यथा ऐसा करने वाले सबसे पहले भेड़‍िए के रूप में जन्‍म लेते हैं। इसके बाद वह कुत्‍ता बनते हैं, फिर स‍ियार, गिद्ध, सांप, कौआ और बगुला बनते हैं। इन सभी योन‍ियों में जन्‍म लेने के बाद उसे मनुष्‍य योन‍ि में जन्‍म मिलता है।

4/7भूले से न करें ये कर्म बनना पड़ेगा कौंच

महर्षि ने बताया क‍ि बड़ा भाई प‍िता तुल्‍य होता है। इसलिए वह सदैव ही आदरणीय है। क‍भी भी किसी भी पर‍िस्थिति में उसका अनादर न करें। अन्‍यथा कौंच नामक पक्षी के रूप में जन्‍म लेना पड़ता है। उसका जन्‍मकाल 10 वर्षों का होता है। यद‍ि इस दौरान उसपर ईश्‍वर कृपा दें तो वह अगले जन्‍म में मनुष्‍य योन‍ि में जन्‍म लेता है।

5/7इस कर्म से बनते हैं छछूंदर

वेद-व्‍यासजी ने बताया क‍ि चोरी करना हमेशा ही गलत है। फिर चाहे वह स्‍वर्ण हो या वस्‍त्र। इसके पर‍िणाम भुगतने ही पड़ते हैं। उन्‍होंने बताया क‍ि यद‍ि कोई व्‍यक्ति वस्‍त्रों की चोरी करता है तो वह अगले जन्‍म में तोता बनता है। वहीं सुगंध‍ित पदार्थों की चोरी करने वाले छछूंदर के रूप में जन्‍म लेता है। इसलिए कैसी भी पर‍िस्थिति हो लेकिन चोरी करने से सदैव ही बचना चाहिए।

6/7ऐसे कर्म करने वाले बनते हैं गधे

महर्षि ने बताया कि यद‍ि कोई व्‍यक्ति किसी का कत्‍ल करता है तो यह जघन्‍य अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा कर्म करने वाला अगले जन्‍म में गधा बनता है। लेकिन यद‍ि वह जिस शस्‍त्र से हत्‍या करता है उसी से उसकी भी हत्‍या हो जाए तो उसे मृग योन‍ि मिलती है। इसके बाद वह मछली, कुत्‍ता और बाघ बनता है। लेकिन इन योन‍ियों में भ्रमण करने के बाद वह मनुष्‍य योन‍ि में जन्‍म लेता है।

वेद-व्‍यास जी ने बताया क‍ि जो व्‍यक्ति सदैव दूसरों की मदद करता है। पशु-पक्षी और अन्‍य जीवों पर दया करता है। जरूरतमंदों की मदद करता है और नि:स्‍वार्थ भावना से संच‍ित धन का उपयोग धार्मिक कार्यों में करता है तो ऐसे व्‍यक्ति अगले जन्‍म में मनुष्‍य योन‍ि में ही जन्‍म लेते हैं। साथ ही समाज में अच्‍छे कार्य करके दूसरों को लाभान्वित करते हैं। लेकिन धन के प्रति आसक्‍त मनुष्‍य अगले जनम में सांप योन‍ि में जन्‍म लेते हैं।ऐप