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शनिवार को क्यों होती है हनुमानजी की पूजा…?

रामायण काल में जब हनुमान जी माता सीता को ढूंढ़ते हुए लंका में पहुंचे, तो उन्होंने वहां रावण के कारागार में हनुमानजी ने शनिदेव को उल्टा लटके देखा। हनुमानजी के कारण पूछने पर शनिदेव ने बताया कि ‘मैं शनि देव हूं और रावण ने अपने योग बल से मुझे कैद कर रखा है।’ तब हनुमान जी ने लंका दहन करते हुए शनिदेव को रावण के कारागार से मुक्ति दिलाई।

शनि देव ने हनुमान जी से वर मांगने को कहा। हनुमान जी बोले, ‘कलियुग में मेरी अराधना करने वाले को अशुभ फल नही दोगे।’ तभी से शनिवार को हनुमान जी की पूजा की जाती है।

हनुमान चालीसा का पूरा पाठ करने में लगभग पाँच मिनट लगते हैं यदि आप यह कर्म नित्य करते हो तो आप पर शनि देव के साथ हनुमानजी की भी कृपा होगी।