Categories
धर्म धार्मिक

धन प्राप्ति के लिए करें….अपने राशि स्वामी ग्रह को प्रशन्न

Dhan prapti ke upay , apni rashi ke anusar

प्रतिदिन के धन प्राप्ति व ग्रह-शान्ति उपाय

सफलता की कुंजी कहती है कि भौतिक जीवन में धन का विशेष महत्व होता है, इसके बिना काम नहीं चलता। धन प्राप्ति के लिए लोग नौकरी, व्यवसाय या व्यापार आदि करते हैं। अनेक लोग धन पाने के लिए बुरे और घृणित कर्म करने से भी नहीं चूकते। कुछ लोग लाभ मार्ग प्रशस्त करने तथा हानि से बचने के भी उपाय करते हैं, टोने-टोटके द्वारा भी अपना जीवन सुखमय बनाने की कोशिश करते हैं। प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी तरह से धन लाभ के लिए अपना-अपना तरीका अपनाता है। यहाँ कुछ उपायों पर चर्चा करते हैं, जिनसे कहा जाता है कि धन प्राप्ति, धन लाभ सुनिश्चित होता है।


“लक्ष्मी जी धन की देवी हैं, जीवन में जब तक लक्ष्मी जी की कृपा और आर्शीवाद प्राप्त नहीं होता है तब तक व्यक्ति परेशानी और संघर्षों से जूझता रहता है। धन के अभाव में व्यक्ति का जीवन बाधाओं से घिरा रहता है। धन व्यक्ति के सबसे बुरे समय का सबसे अच्छा मित्र है। इसलिए धन का प्रयोग बहुत सोच समझ कर रही करना चाहिए।” अतः धन की देवी लक्ष्मी का आर्शीवाद कैसे प्राप्त करें यह हमें जानना चाहिए।


निष्काम भाव से कर्म करते रहें। बुरे कर्मों से बचें, परिश्रम करें
भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि व्यक्ति को सतत कर्म करते रहना चाहिए, परन्तु कर्मफ़ल की चिंता नहीं करना चाहिए। इसे ईश्वर पर ही छोड़ देना चाहिए। इस उपदेश में लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का भी मंत्र छिपा है। बस्तुतः अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम करने वाले को लक्ष्मी जी अपना आर्शीवाद अवश्य देती हैं। धन की देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कठोर परिश्रम, कठोर तप ही है। लक्ष्मी जी ऐसे लोगों को पसंद करती है। लोभी, लालची, ग़लत कार्य करने वालों से लक्ष्मी जी हमेशा दूर ही रहती हैं। लक्ष्मी जी को स्वच्छता, स्वच्छ लोग प्रिय हैं। स्वच्छ व्यक्ति रोगों से दूर रहता है. रोग रहित व्यक्ति अधिक परिश्रम करने में सक्षम रहता है और परिश्रम से ही धन की प्राप्ति होती है।
सोमवार के द‍िन सुबह स्‍नान आद‍ि करने के बाद मंद‍िर जाएं या घर पर ही विधिविधान से श‍िव जी की पूजा करें। सबसे पहले भगवान शिव के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल और दूध से स्‍नान कराएं। इसके बाद उन पर चंदन, चावल, भांग, सुपाड़ी, बिल्वपत्र और धतूरा चढ़ाएं।

• इसके बाद महामृत्युंजय मंत्र का जाप १०८ बार करें। इससे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

• भोग लगाने के बाद आख‍िरी में श‍िव जी की व‍िध‍िव‍िधान से आरती करें।

• शंकर जी के मंदिर जाकर तीन केले लेकर चढ़ाये और ११ या २१ बार “ॐ ऋण मुक्तेश्वर महादेवाए नमः!” मंत्र का जाप करें।
हनुमान चालीसा, हनुमाष्टक, सुंदरकांड, बजरंग बाण या हनुमान जी के १०८ नाम का पाठ करने के पश्चात इस मंत्र की एक माला जप करें- ” हं हनुमते नमः! “

• शास्त्रों के अनुसार, अगर शनिदेव का प्रकोप है तो वह भी हनुमत पूजन से चला जाता है।

• रविवार और मंगलवार को लाल मसूर की दाल अवश्य किसी गरीब को दान करें। यह भी कारगर कर्ज मुक्ति उपाय कहा गया है।

यह दिन श्री गणेश जी को समर्पित करें, उनका ध्यान, पूजा, जप करें। “गं गणेशाय नमः!” मंत्र की एक माला जप उपरांत ही घर से बाहर निकलें, कार्य सिद्ध होगा।

• विघ्नहर्ता श्री गणेश भगवान को प्रतिदिन मोदक का भोग लगाकर लक्ष्मी जी को गुड़हल का फूल चढ़ाएं इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है।
“विष्णु सहस्त्र नाम स्त्रोत” पाठ अथवा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय!” मंत्र का यथा शक्ति जप विष्णु-कृपा प्राप्ति में सक्षम हैं। यदि आप किसी सक्षम गुरु से दीक्षित हैं तो गुरु जी द्वारा प्रदत्त ‘गुरु-मंत्र’ का जप करें।
श्री लक्ष्मीजी को गुलाब या कमल पुष्प चढ़ाएं।

• अपने वरिष्ठ व्यक्तियों का सम्मान करें। घर-परिवार में सबसे प्रेम-व्यवहार करें।

• अपने अष्टलक्ष्मी स्वरूप में महालक्ष्मी शुक्रवार के दिन स्मरण करने वाले जातकों पर प्रसन्न रहती हैं, नई ऊर्जा और शक्ति की प्राप्ति होती है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अतः शुक्रवार को अष्ट लक्ष्मी स्तोत्र, श्रीसूक्ति या लक्ष्मी जी के विशेष मंत्र जप करना विशेष लाभदायक होता है।

• शास्त्रों के अनुसार आराधना के क्रम में श्रीसूक्त के पन्द्रह मन्त्रों के जरिए लक्ष्मी देवी या उक्त स्लाइड्स में वर्णित अन्य देव आराधना इस क्रम में की जाती है- *आवाहन * आसन * पाद्य * अर्घ्य * आचमन * स्नान * वस्त्र * भूषण * गन्ध * पुष्प * धूप * दीप * नैवेद्य * प्रदक्षिणा * उद्वासन।

प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को तेल और पीला सिंदूर का टीका लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से कर्ज से संबंधित सभी परेशानियां दूर होती है और मन शांत होता है। – रात को सोते समय अपने बेडरूम में दो टिक्की कपूर की घी में डूबा कर जलाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है। – सरसों का तेल या तिल का तेल का दिया जलाने से घर का वातावरण शुद्ध होता है जिससे काम करने की इच्छा प्रबल होती है और धीरे धीरे करके आपका सारा कर्ज उतरता जाता है।
पशुओं को उनकी पसंद का खाना खिलाने और पक्षियों को दाने खिलाने से भी कर्ज से मुक्ति मिलती है और रुके हुए काम बनते हैं। – गाय-कुत्ता, भिखारी को यथासंभव खाना इत्यादि दें। – बंदरों को गुड़-चना और केला खिलाना चाहिए, गाय को रोटी खिलाना, काली गाय को आटे की लोई में गुड़ और चना दाल खिलाने आदि से भी कर्ज से मुक्ति मिलती है। – घर के मुख्य दरवाजे के पास घर के अंदर उड़ते हुए हनुमान जी का फोटो लगाने से हनुमान जी सभी परेशानियों को घर के बाहर लेकर चले जाते हैं। – अपने घर का इशान कोण हमेशा साफ रखें इससे कर्ज मुक्ति जल्दी मिलती है।

रविवार के दिन सुबह तीन अलग-अलग छोटे बर्तनों में लाल राई काली तिल, साबुत धनिया तथा साबुत नमक मिलाकर अपने व्यापार स्थल पर रख दें। इससे व्यापार में वृद्धि होने लगेगी और ग्राहक भी बढ़ने लगेंगे।• रविवार के दिन सुबह ताजे पानी से भरे एक घड़े में राई के ताजे पत्ते डालकर इस जल को “ॐ सूर्याय नमः!” मंत्र बोलते हुए अभिमंत्रित करके जो कोई भी उस जल से स्नान करेगा, उसकी दरिद्रता हमेशा के लिए खत्म हो जायेगी। • अगर आप अचानक धन लाभ पाना चाहते हैं तो हर रविवार की रात सोने से पहले अपने पास दूध रख लें, ध्यान रहे कि दूध गिरे ना। फिर सुबह उठकर यानी सोमवार को स्नान के बाद उस दूध को बबूल के पेड़ की जड़ में डाल दें। ऐसा करने से आपको अचानक धन लाभ होगा और बिगड़े काम भी बनने लगेंगे।


सूर्य- बहते पानी में गुड, ताम्बा या ताम्बे का सिक्का बहाए। चन्द्र- दूध या पानी भरा बर्तन सिरहाने रख कर सोएं और अगले दिन कीकर की जड़ में सारा जल डाल दें। मंगल- सफ़ेद सुरमा आंखों में लगाए, बहते पानी में रेवड़िया, बताशे, शहद व सिंदूर बहाए। बुध- कन्याओं को हरे वस्त्र और हरी चुड़िया दान करें, दांत साफ रखे। गुरु- माथे पर चंदन या केसर का तिलक लगाएं, पीपल की जड़ में जल चढ़ाएं, चने की दाल दान करें। शुक्र- ज्वार, चरी, घी, कर्पुर, दही का दान करें, सुघंधित पदार्थो का प्रयोग करें। शनि- कीकर की दातुन करें, पेड़ों की जड़ों में तेल डालें। राहू- जौ को दूध से धोकर बहते पानी में बहाएं, मुली का दान करे या कोयला बहते पानी में बहाएं, जेब में चांदी की ठोश गोली रखें। केतु- काले और सफेद तिल बहते पानी में बहाएं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर जातक की चन्द्र राशि होती है और हर चन्द्र राशि का स्वामी ग्रह होता है। इसी प्रकार प्रत्येक ग्रह का एक ईष्ट देवता भी होता है। यदि किसी स्वामी ग्रह के ईष्ट देवता को प्रसन्न कर लिया जाए तो किसी भी जातक के जीवन में आने वाली कठिनाइयों से छुटकारा मिलता है।

मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह है। इस राशि के जातकों के जीवन में आ रहीं सभी तरह की समस्याओं के लिए अगर भगवान हनुमानजी की आराधना की जाए तो यह काफी मददगार साबित हो सकती है।
मंत्र- ‘ॐ हनुमते नम:’ का जाप नित्य रोज करने से, आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र में लाभ प्राप्त होता है।


वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र माना जाता है। इस राशि के जातकों को धन संबंधित सभी तरह की समस्याओं के अंत के लिए मां दुर्गा की पूजा करना लाभदायक साबित हो सकता है।
मंत्र- ‘ॐ दुर्गादेव्यै नम:’ के जाप से वित्तीय समस्याओं का अंत होता है।


मिथुन राशि का स्वामी ग्रह बुध है। इस राशि के जातकों को भगवान गणेशजी की पूजा करने से प्रसिद्धि प्राप्त हो सकती है।
मंत्र- ‘ॐ गं गणपते नम:’ के जाप से नौकरी और व्यवसाय में आ रहीं परेशानियों का अंत होता है।

कर्क राशि के जातकों में चन्द्रमा ग्रह, राशि का स्वामी होता है। ज्योतिष के अनुसार चन्द्रमा पर भगवान शिव का राज है। इस राशि के जातकों को धन संबंधित लाभ प्राप्त करना है तो भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
मंत्र- ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का नित्य रोज जाप फलदायक साबित होता है।

सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है। सिंह राशि के जातकों को भगवान सूर्य की पूजा करने से और नित्य प्रति अर्घ्य चढ़ाने से ऊर्जा प्राप्त होती है।
मंत्र- ‘ॐ सूर्याये नम:’ का जाप करने से लाभ प्राप्त होता है।

कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह माना जाता है। इस राशि के जातकों को भगवान गणेशजी की पूजा से शीघ्र ही धन संबंधित समस्याओं में लाभ प्राप्त होता है।
मंत्र- ‘ॐ गं गणपते नम:’ मंत्र का जाप प्रतिदिन सुबह-शाम करने से लाभ प्राप्त होता है।

तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। तुला राशि वालों को देवी लक्ष्मीजी की पूजा लाभदायक मानी जाती है। तुला राशि के जातक देवी लक्ष्मीजी को प्रसन्न कर लें तो धन संबंधित समस्याओं का अंत हो जाता है।
मंत्र- ‘ॐ महालक्ष्म्यै नम:’ मंत्र का जाप करने से लक्ष्मी की वृद्धि होती है।

वृश्चिक राशि का ग्रह मंगल है। वृश्चिक राशि वालों के लिए हनुमानजी की पूजा शुभ बताई जाती है।
मंत्र- ‘ॐ हं हनुमते नम:’ मंत्र के जाप से शारीरिक पीड़ा और धन संबंधित पीड़ा का अंत होता है।


धनु राशि बृहस्पतिग्रह से संबंध रखती है। धनु राशि वालों के लिए भगवान विष्णु की पूजा शुभ होती है।
मंत्र- ‘ॐ श्री विष्णवे नम:’ मंत्र के नित्य जाप से व्यवसाय में लाभ प्राप्त होता है।

मकर राशि का स्वामी शनि है इसलिए शनि या हनुमानजी की पूजा इस राशि के जातकों के लिए शुभ रहती है।
मंत्र- ‘ॐ शं शनैश्चराये नम:’ मंत्र का जाप करने से बाधा दूर होती है और सुख-शांति मिलती है।


कुंभ राशी का स्वामी शनि है। शनि के गुरु भगवान शंकर माने जाते हैं इसलिए इस राशि वालों को शनि के साथ-साथ भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए।
मंत्र- ‘ॐ महामृत्युंजय नम:’ मंत्र का जाप नित्य प्रति सुबह-शाम 108 बार करने से सभी प्रकार के दु:ख दूर होते हैं।


मीन राशि का स्वामी बृहस्पति बताया गया है। इस राशि के जातकों को भगवान नारायण का ध्यान और मंत्र जप करने से धन संबंधित समस्याओं में लाभ प्राप्त होता है।
मंत्र- ‘ॐ नारायणा नम:’ एवं ‘ॐ गुरुवे नम:’ मंत्र का जाप शुभ फल प्रदान करता है।
कृपया इसे आगे भी शेयर करे। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published.