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प्रॉपर्टी में शत्रुओं द्वारा हानि के योग जन्म कुंडली में

किसी भी व्यक्ति की कुंडली में प्रोपर्टी जमीन जायदाद वाहन और मकान इत्यादि के सुख के लिए हम कुंडली का चतुर्थ भाव देखते हैं। चतुर्थ भाव यदि मजबूत स्थिति में हुआ और शुभ ग्रहों का प्रभाव हुआ तो व्यक्ति को यह सब सुख सहज ही मिल जाते हैं।

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आज में आप को एक योग विशेष के बारे में बताउंगा जो कि यदि आप की कुंडली में बनता है तो इस बात की संभावना रहती है कि आप की प्रॉपर्टी शत्रुओं द्वारा छीन ली जायेगी। यह प्रोपर्टी की हानि कोर्ट केश के माध्यम से हो सकती है अथवा किसी अन्य रूप में भी।

कुंडली के अंदर यदि आप के 6वे भाव का स्वामी कुंडली के नवम भाव में चला जाए तो प्रोपर्टी में हानि के योग का निर्माण करता है। अब आप के चतुर्थ भाव में यदि शुभ ग्रह हुए तब तो समझ लो कि प्रोपर्टी कभी वापिस नहीं आने वाली और यदि पापी ग्रह चतुर्थ भाव में हुए तो लड़ झगड़ कट वो प्रोपर्टी को वापिस दिला भी देंगे।

यह ज्योतिष का बहुत ही कारगर सूत्र है यह आप की या किसी अन्य की पत्रिका में भी बनता है तो इस बात की प्रबल संभावना को बड़ा देता है।

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