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जा’निए ला’ल औ’र का’ली ची’टियों के घ’र में आ’ने का सं’केत, शु’भ है या अ’शुभ, जा’नें…

धार्मिक खबर

जयपुर :घ’र में चीं’टियां निक’ल र’ही हैं तो य’ह जी’वन में हो’ने वाली कि’सी घट’ना का सं’केत है चीं’टियां घ’र में ऊप’र की ओ’र जा र’ही है या नी’चे के ओ’र जा र’ही हैं। इ’सके अ’लावा  घ’र में आ’ई चीं’टियों को कु’छ खा’ने को मि’ल र’हा है या न’हीं…

य’ह भी हो’ने वा’ली क’ई घट’नाओं प’र केंद्रि’त हो’ना मा’ना जा’ता है। घ’रों में चीं’टियों का निक’लना ह’म आ’म बा’त सम’झकर उ’स प’र गौ’र न’हीं क’रते हैं ले’किन य’ह ब’हुत ब’ड़ी घटना’ओं के बा’रे में सं’केत दे’ती हैं।

*अ’गर आप’के घ’र में का’ली ची’टियां आ र’ही हैं तो सु’ख औ’र ऐश्व’र्य वा’ला सम’य आ’ने के संके’त दे’ती हैं।

*का’ली चीं’टियां सा’मान्य तौ’र प’र घ’रों में च’लती हु’ई दिखा’ई दे’ती हैं। क’ई बा’र लो’ग का’ली चीं’टियों को शक’र, आ’टा जै’से खा’द्य पदा’र्थ भोज’न के लि’ए डा’लते हैं।

*का’ली चींटि’यों को खा’ना खिला’ना शु’भ हो’ता है। अ’गर चाव’ल के भ’रे ब’र्तन से चीं’टियां नि’कल र’ही हैं तो य’ह शु’भ सं’केत हो’ते हैं। कु’छ ही दि’नों में आ’पकी ध’न वृ’द्धि हो’ने वा’ली है। व्य’क्ति की आर्थि’क स्थि’ति अ’च्छी हो’ने जा र’ही है। का’ली ची’टियां भौति’क सु’ख वा’ली ची’जों के लि’ए शु’भ है।

ला’ल चीं’टियां घ’र में दि’खे तो हो जा’एं सा’वधान

*अ’गर आप’के घ’र में क’हीं भी ला’ल चीटि’यां दि’खाई दे तो साव’धान हो जा’एं। ला’ल चीं’टियां अ’शुभ का संके’त दे’ती हैं। भ’विष्य की परेशा’नियों, विवा’द, ध’न से ख’र्च हो’ने के सं’केत भी चीं’टियां दे’ती हैं।

अ’च्छे सं’केत

अग’र ला’ल चींटि’यां आ’पके घ’र आ र’ही हैं तो य’ह स’भी अ’शुभ का’म आ’पके सा’थ हो स’कते हैं। ले’किन ला’ल चींटि’यां मुं’ह में अं’डा ले’कर घ’र से जा’ए तो य’ह अ’च्छे सं’केत  है। चींटि’यों को खा’ने के लि’ए खा’द्य पदा’र्थ डाल’ना चाहि’ए। अ’गर चीटि’यां आप’के घ’र में भू’खी रहें’गी तो य’ह भी अ’शुभ सं’केत मा’ने जा’ते हैं।