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अफे’यर के मा’मले: इ’स ए’प के जरि’ए लो’ग ल’गा र’हें दि’ल, फो’न प’र ही कर’ते है ये का’म, चैटिं’ग पढ़’कर उ’ड़ जा’एंगे हो’श, पढ़ि’ए….

हिंदी खबर

हा’ल ही में ग्लीडे’न ने बता’या है कि कोरोना’काल में विवा’हेत्तर सं’बंधों को बढ़ा’वा दे’ने वा’ले इ’स ए’प के 13 ला’ख से अ’धिक सब्सक्रा’इबर्स हो चु’के हैं। सितं’बर, अ’क्टूबर औ’र नवं’बर मही’ने में भा’रत में जू’न, जु’लाई औ’र अ’गस्त की तुल’ना में इ’स ए’प के 246 प्रति’शत सब्सक्राइ’बर्स ब’ढ़े हैं। पि’छले चा’र म’हीनों में इ’स ए’प से ती’न ला’ख न’ए सब्सक्रा’इबर्स जु’ड़े हैं जि’समें ढा’ई ला’ख सब्सक्रा’इबर्स पिछ’ले दो म’हीनों में ब’ढ़े हैं। भार’त में इ’स त’रह के कि’सी ए’प को इ’स प्र’कार सम’र्थन मिल’ना वा’कई कि’सी अ’चंभे से क’म न’हीं है। लॉकडा’उन में क’हीं न क’हीं लो’गों ने य’ह मा’ना कि ऑन’लाइन डेटिं’ग ए’क-दू’सरे को जा’नने का स’बसे सुर’क्षित तरी’का है। अग’ली स्लाइ’ड्स से जा’नते हैं कि कि’स प्र’कार है य’ह वि’वाहेत्तर सं’बंधों को बढ़ा’वा दे’ने वा’ला ए’प औ’र इ’ससे जु’ड़ी अ’न्य बा’तें

क्या है ग्ली’डेन ए’प
डेटिं’ग ए’प हो’ने के बावजू’द इ’स ए’प की स’बसे अल’ग बा’त य’ह है कि य’ह शादीशु’दा लो’गों के लि’ए विवा’हेत्तर संबं’धों प’र आ’धारित है। य’ह प्लेटफॉ’र्म फ्रां’स में 2009 में लॉ’न्च हु’आ था। हा’लांकि भा’रत में य’ह 2017 में आ’या है। आ’ज दुनि’याभर में इ’सके क’ई सा’रे रजि’स्टर्ड यू’जर्स हैं जि’नमें ज्यादा’तर यू’जर्स यूरोपी’य सं’घ से हैं। भा’रत में लॉ’न्च हो’ने के बा’द पह’ली बा’र ऐ’सा हु’आ है कि इत’नी भा’री मा’त्रा में इस’के सब्सक्रा’इबर्स ब’ढ़े हों।
 

महिला’ओं का द’ल चला’ता है ए’प
ग्लीडे’न डॉ’ट कॉ’म ए’प को महिला’ओं का ए’क द’ल च’ला र’हा है। य’ही व’जह है कि कि’सी भी दे’श की म’हिला उपयोग’कर्ताओं के लि’ए य’ह पू’री तर’ह नि’शुल्क है। हा’लांकि पु’रुषों को इ’सका इस्तेमा’ल कर’ने के लि’ए 750 रुप’ये से 9,500 रुप’ये दे’ने हो’ते हैं। मीडि’या रि’पोर्टस के अनु’सार 34 से 49 व’र्ष की आ’यु वा’ले लो’ग इस’का उपयो’ग कर’ना बहु’त पसं’द कर’ते हैं। भारती’यों में पुरु’षों का रूझा’न इ’स ए’प की तर’फ अ’च्छा है। 
 

भार’त से मि’ल र’हा है स’मर्थन
ग्ली’डेन के कं’ट्री मैने’जर ने हा’ल ही में ए’क बया’न दि’या है जि’समें उन्हों’ने क’हा है कि भा’रतीयों द्वा’रा इ’स त’रह विवा’हेत्तर सं’बंधों को उन’के ए’प के मा’ध्यम से मि’लने वा’ले समर्थ’न से वे औ’र उन’की पू’री टी’म बे’हद खु’श हैं। 
 

बैंग्लो’र में हो र’हा स’बसे अधि’क उप’योग
मा’र्च 2020 के बा’द से इ’स ए’प का उप’योग सब’से ज्या’दा बैंग्लोर’वासी क’र र’हे हैं, य’हां के 16.2 प्रति’शत लो’ग ए’प को पसं’द क’र र’हे हैं। व’हीं मुं’बई में 15.6 प्र’तिशत, दि’ल्ली में 15.4 प्रति’शत उपयोग’कर्ताओं ने लॉक’डाउन के स’मय में इ’स ए’प का खू’ब उपयो’ग कि’या है। प’हले क’भी भा’रत में इ’स तर’ह से ग्ली’डेन के सब्स’क्राइबर्स में इ’स प्र’कार की वृ’द्धि द’र्ज न’हीं की ग’ई है। 
 

पुरु’षों की सं’ख्या है अधि’क
ग्लीड’न ने य’ह भी ब’ताया कि महि’लाओं की तुल’ना में पु’रुष इ’स ए’प का अधि’क उप’योग क’र र’हे हैं। यू’रोप के लो’गों की तु’लना में भा’रत के लो’ग सा’ढ़े ती’न घं’टा अधि’क इ’स ए’प प’र बी’ता र’हे हैं। शनि’वार- रवि’वार को अधि’क लो’ग इस’का उपयो’ग कर’ते हैं। रा’त्रि 10 से 12 ब’जे त’क ए’प प’र सब’से अ’धिक लो’ग ए’क-दू’जे से बति’याते हैं।