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ए’क म’छुआरे को मि’ली फ्ला’इंग फि’श, दूर दूर से दे’खने आ र’हें लो’ग, दे’खें उड़’ती हु’ई मछ’ली की अ’नोखी त’स्वीरें…

हिंदी खबर

मुंब’ई: म’हाराष्ट्र में मुं’बई से स’टे पा’लघर में ए’क उड़’ने वा’ली म’छली (Flying Fish) मि’लने से लो’ग हैरा’न हैं. पा’लघर में वाढ़’वन गां’व के पा’स स’मुद्र में उ’ड़ने वा’ली मछ’ली को ए’क म’छुआरे ने पक’ड़ा है. य’हां के लो’ग उ’ड़ने वा’ली मछ’ली (Flying Fish) को देख’ने के लि’ए उ’त्सुक हैं.

मछ’ली के जान’कारों का क’हना है कि ये मछ’ली अं’डमान निको’बार औ’र बं’गाल की खा’ड़ी के स’मुद्र त’ट के आ’स-पा’स पा’ई जा’ती है. ये म’छली (Flying Fish) शिका’र हो’ने से बच’ने के लि’ए उ’ड़ जा’ती है औ’र फि’र स’मुद्र में वाप’स आ जा’ती है. जा’नकारों का कह’ना है कि ये मछ’ली कु’छ मीट’र त’क ही उ’ड़ने में स’क्षम हैं.

पाल’घर (Palghar) में उ’ड़ने वा’ली इ’स मछ’ली (Flying Fish) को पक’ड़ने वा’ले म’छुआरे प्र’दीप पाटि’ल ने क’हा, ‘मैं’ने स’मुद्र में जा’ल डा’ला था, जिस’में ये मछ’ली फं’स ग’ई. मैं’ने इ’से जिं’दा दे’खा था ले’किन घ’र ले जा’ते व’क्त ये म’र ग’ई. इस’से पह’ले मैं’ने ऐ’सी मछ’ली न’हीं दे’खी थी. मे’रे ऊ’पर भग’वान की कृ’पा है इस’लिए मु’झे ऐ’सी मछ’ली मि’ली.’

उ’ड़ने वा’ली मछ’ली के बा’रे में डॉ’क्टर सं’जीव जा’धव ब’ताते हैं कि अंड’मान निको’बार औ’र बं’गाल के स’मुद्र के कि’नारों के आ’स-पा’स उ’ड़ने वा’ली मछ’लियां पा’ई जा’ती हैं. ज’ब को’ई इस’का शि’कार कर’ने की कोशि’श क’रता है तो ये उ’ड़ जा’ती है.

जा’न लें कि इ’स उड़’ने वा’ली मछ’ली को दे’खने के लि’ए दू’र-दू’र से लो’ग आ र’हे हैं. लो’ग उ’ड़ने वा’ली मछ’ली की ए’क झ’लक पा’ने को बे’ताब हैं.

मुंब’ई: म’हाराष्ट्र में मुं’बई से स’टे पा’लघर में ए’क उड़’ने वा’ली म’छली (Flying Fish) मि’लने से लो’ग हैरा’न हैं. पा’लघर में वाढ़’वन गां’व के पा’स स’मुद्र में उ’ड़ने वा’ली मछ’ली को ए’क म’छुआरे ने पक’ड़ा है. य’हां के लो’ग उ’ड़ने वा’ली मछ’ली (Flying Fish) को देख’ने के लि’ए उ’त्सुक हैं.

पाल’घर (Palghar) में उ’ड़ने वा’ली इ’स मछ’ली (Flying Fish) को पक’ड़ने वा’ले म’छुआरे प्र’दीप पाटि’ल ने क’हा, ‘मैं’ने स’मुद्र में जा’ल डा’ला था, जिस’में ये मछ’ली फं’स ग’ई. मैं’ने इ’से जिं’दा दे’खा था ले’किन घ’र ले जा’ते व’क्त ये म’र ग’ई. इस’से पह’ले मैं’ने ऐ’सी मछ’ली न’हीं दे’खी थी. मे’रे ऊ’पर भग’वान की कृ’पा है इस’लिए मु’झे ऐ’सी मछ’ली मि’ली.’