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खा’ताधारकों को खु’शखबरी: आ गई RBI नई पॉलिसी, यहां जानें खास बातें….

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भारतीय रिजर्वे बैंक ने इस साल के अंतिम पालिसी का एलान करते हुए कहा कि मुख्य ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। आरबीआई द्वारा किये गए प्रेस कांफ्रेंस गवर्नर ने यह भी बताया कि पूरे में अब आरटीजीएस सिस्टम 24 घंटे के लिए लागू हो रहेगी। इससे सिस्टम में सेटलमेंट और डिफॉल्ट संबंधी जोखिम कम होंगे। अब देश में वित्तीय लेन-देन से संबंधित डिजिटल प्रक्रिया किसी भी दिन किसी भी समय की जा सकेगी। इससे देश में सुरक्षित डिजिटल ट्रांजैक्शन किए जा सकेंगे। कांटेक्टलेस ट्रांजैक्शन के लिए लिमिट अब 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपये की जा रही है। यह एक जनवरी से लागू होगा।

1-देश की आ’र्थिक ग्रो’थ में जो’रदार ते’जी की उम्मीद
भा’रतीय रिज़र्व बैंक के गव’र्नर श’क्तिकांत दा’स ने कहा है कि को’रोना सं’कट से अब देश की अ’र्थव्यव’स्था ऊ’बर चुकी है। अ’गली ति’माही में देश की जी’डीपी ग्रो’थ निगे’टि’व से पॉ’जिटिव में लौटने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने अगली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 0.10 फीसदी कर दिया है। वहीं, चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2021 के दौरान देश की जीडी’पी ग्रोथ 0.70 फीसदी रहने का अनु’मान है। हालांकि, पूरे साल के लिए जी’डीपी ग्रोथ -7.5 फीसदी रह स’कती है। उन्होंने बताया कि भा’रती’य स’रकार की ओर से जा’री राह’त पैके’ज से आ’र्थिक ग्रो’थ रि’कवरी आई है।

2-क्यों बढ़ेगी देश की आ’र्थिक ग्रो’थ
म’हंगाई पर भी लगा’म लगने की उम्मीद है। इन सभी का’रकों को ध्या’न में रखते हुए तीस’री तिमा’ही में महंगाई दर 6.8 फीसदी और चौथी ति’माही में 5.4 फी’सदी रहने की उम्मीद है। इस पूरे देश सा’ल में भारत की जी’डीपी ग्रोथ – 7.5 फ़ीसदी रह सकती है। इस साल की दू’सरी छमा’ही में देश की जी’डीपी ग्रोथ रेट पॉजिटिव रह सकती है।

3-आम आदमी को म’हंगाई से मिलेगी रा’हत
भारतीय रि’जर्व बैंक की मौ’द्रिक नीति समिति का अनुमान है कि कं’ज्यूम’र प्राइ’स इंडे’क्स आने वाले दिनों में दवा’ब में रह सकता है। यह सि’तंबर और अक्टूबर में तेज रहा है खरी’फ फ’सलों की बंपर उपज के साथ आने वाले महीने में म’हंगाई की दर कम हो सकती है। इसके साथ ही स’ब्जियों और दालों की महंगाई पर भी लगा’म लगने की उ’म्मीद है। इन सभी का’रकों को ध्या’न में रखते हुए तीसरी तिमा’ही में महं’गाई दर 6.8 फीसदी और चौथी तिमा’ही में 5.4 फीसदी रहने की उम्मीद है।

4- नौकरियों को लेकर आ’रबीआ’ई ग’वर्नर ने कहा
कोरो’ना सं’कट के इस दौर में सर’कार ने भी कई कदम उठाए हैं। हमारी कोशिश यह है कि हम भारत की जीडीपी ग्रोथ को बनाए रखते हुए रोजगार के मौके बनाने में सफल हुए हैं और देश की अर्थव्यवस्था को ग्रोथ के रास्ते पर ले जाने में कामयाब होंगे। देश के वित्तीय सेक्टर में स्थिरता लाने के लिए भी रिजर्व बैंक ने कई कोशिशें की है और इस वजह से शेयर बाजार और पूंजी बाजार पर इसका असर देखने को मिला है।

5- भारतीय रिजर्व बैंक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को लेकर किया बड़ा ऐ’लान
भारतीय रिजर्व बैंक ने अब क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को एलएएफ और एमएएफ की सुविधा दी है। आपको बता दें कि आरआरबी बैंक का क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक होते है। इनका गठन आरआरबी अधिनियमन 1976 के तहत किया गया है। इनके ग’ठन के पीछे मकसद छोटे किसानों, कृषि श्र’मिकों और ग्रामीण क्षेत्र में कारीगरों को क’र्ज और दूसरी सु’विधा’एं उपलब्ध कराना था। इस कानून में 2015 में संशोधन किया गया।

इसके त’हत इन बैंकों को केंद्र, राज्य सरकारों और प्रा’योजक बैंक के अ’लावा दूसरे स्रो’तों से पूंजी जु’टाने की अ’नुमति दी गई। मौ’जूदा समय में क्षे’त्रीय ग्रामीण बैंकों में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है जबकि 35 प्रतिशत हिस्सेदारी संबंधित प्रायोजक बैंक की और 15 प्रतिशत राज्य सरकार की हिस्सेदारी है।

6-बैंकों को इस साल नहीं देना होगा डि’विडें’ड
को’रोनावाय’रस के संकट के इस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था और क’र्ज लेने वाले लोगों की सुविधा के लिए रिजर्व बैंक ने कई प्रा’वधान किए हैं बैंक नए लोगों को क’र्ज दे सके इसके लिए भी आरबीआई ने कई व्यवस्था की है क’मर्शिय’ल और को’ऑप’रेटिव बैंक अब पिछले साल की गई कमाई से डि’विडें’ड नहीं दे पाएंगे वह इस मुनाफे को अपने पास रखेंगे। नॉन बैं’किंग फाइ’नेंस कं’पनियां भी अपने नि’वेशकों और शे’यरधा’रकों को डि’विडेंड देती हैं इसके लिए रिज’र्व बैंक ने एक ट्रां’सपेरेंट प्र’क्रिया शुरू की है।