Categories
News

इ’स दि’वाली मा’त्र 20 रुप’ए के उपा’य से प्र’सन्न हों’गी मां ल’क्ष्मी, जा’नें पू’री वि’धि…

धार्मिक खबर

मां ल’क्ष्मी ब’हुत सर’लता से प्र’सन्न हो स’कती हैं औ’र इ’सके लि’ए आप’को बहु’त अ’धिक ध’न ख’र्च क’रने की ज’रूरत न’हीं है। सि’र्फ 20 रु’पए के सर’ल उ’पायों से आ’प मां ल’क्ष्मी को अ’पने घ’र प’र हमे’शा के लि’ए रो’क सक’ते हैं

* धन’तेरस औ’र दिवा’ली के दि’न नम’क का पै’केट खरी’द क’र घ’र ला’एं औ’र उ’से खा’ना बना’ने में उपयो’ग क’रें इ’ससे सा’रा सा’ल ल’क्ष्मी कृ’पा ब’नी रह’ती है। दिवा’ली के रो’ज न’मक के पा’नी का पों’छा लगा’ने से गरी’बी दू’र हो’ती है। इस’के अति’रिक्त घ’र के उ’त्तर पू’र्व को’ने में थो’ड़ा सा न’मक क’टोरी अथ’वा डि’बिया में डाल’कर भी र’ख सक’ते हैं। इ’ससे नका’रात्मकता ख’त्म हो’गी औ’र धनाग’मन के सा’धन ब’नने ल’गेंगे।

* धन’तेरस के दि’न साबु’त ध’निया ख’रीदें, दीपा’वली की रा’त ल’क्ष्मी जी के सा’मने सा’बुत धनि’या र’खे रह’ने दें। अग’ले दि’न प्रा’तः सा’बुत धनि’ए को ग’मले में बो दें। ऐ’सी मा’न्यता है कि अ’गर सा’बुत धनि’ए से ह’रा-भ’रा स्व’स्थ पौ’धा नि’कले तो आ’र्थिक स्थि’ति सु’दृढ़ रह’ती है। अ’गर धनि’ए का पौ’धा पत’ला है तो सा’मान्य आ’य हो’ती है। पी’ला व बी’मार पौ’धा नि’कले या पौ’धा न’हीं नि’कले तो आ’र्थिक परेशा’नियां आ’ती हैं।

* धनते’रस के दि’न कौ’ड़ी ख’रीद क’र घ’र ला’एं औ’र अ’टूट ध’न प्रा’प्ति हे’तु दीपा’वली की रा’त्रि महा’लक्ष्मी का षडो’षोपचार पू’जन क’र केस’र से रं’गी कौ’ड़ियां स’मर्पित क’र पी’ले कप’ड़े में बां’धकर ति’जोरी में र’खें।

* घी में क’मल ग’ट्टे मिला’कर ल’क्ष्मी का य’ज्ञ या ह’वन क’रने से व्य’क्ति रा’जा जै’सा जीव’न जी’ता है। इस’के अति’रिक्त 108 कम’ल ग’ट्टों की मा’ला ल’क्ष्मी जी प’र च’ढ़ाने से व्य’क्ति को स्थि’र ल’क्ष्मी प्रा’प्त हो’ती है। ध’न औ’र बर’कत के लि’ए क’मल ग’ट्टा की मा’ला घ’र में र’खें।

* शु’भ मु’हूर्त देख’कर बा’जार से गां’ठ वा’ली पी’ली ह’ल्दी अ’थवा का’ली ह’ल्दी को घ’र ला’एं। इ’स ह’ल्दी को को’रे क’पड़े प’र र’खकर स्था’पित क’रें त’था षडोश’पचार से पू’जन क’रें।

लो’क मा’न्यता के अनु’सार ध’न‌िया, ह’ल्दी, क’मल ग’ट्टा, कौ’ड़ी औ’र क्र‌ि’स्टल न’मक को ए’क ला’ल रं’ग के क’पड़े में बां’धकर पो’टली ब’ना लें। ल’क्ष्मी मं’दिर में जाक’र इ’स पो’टली का दे’वी ल’क्ष्मी के च’रणों से स्प’र्श कर’वाकर त‌िजो’री अथ’वा ध’न रख’ने के स्था’न प’र र’खें, घ’र अथ’वा कारो’बार में क’भी भी ध’न संबं’धी परेशा’नियां न’हीं आ’एंगी।