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बुरी खबर-: अभी अभी देश में दौड़ी दु:खों की लहर, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की हुई…….

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नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास कोरोना की चपेट में आ गए हैं.जिससें त’बीयत खराब हो गयी थी, फिलहाल उनकी हालत ठीक है. दास ने कहा है कि वो घर में आ’इसोले’ट रहकर के ऑफिस का काम-काज निपटाएंगे. दास का कहना है कि जो लोग पिछले कुछ दिनों में उनके संपर्क में आए हैं वो लोग भी अपना को’रो’ना टे’स्ट करा लें ताकि वक्त पर उनका इ’ला’ज किया जा सके.

हाल में को’रो’ना को लेकर कही थी ये बात


हाल ही सं’पन्न हुई रिजर्व बैंक की आर्थिक समी’क्षा समिति की बैठक में दास ने कहा था कि अगर को’रो’ना की सेकंड वेव आती है तो फिर इससे अ’र्थव्य’व’स्था पर नका’रात्मक असर पड़ सकता है.आ’रबी’आ’ई द्वारा मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के जारी ब्योरे के अनुसार दास ने यह भी कहा कि नी’तिगत दर में कटौती की गुं’जाइ’श है, लेकिन इस दिशा में आगे कद’म मुद्रास्फीति के मोर्चे पर उभरती स्थिति पर निर्भर करेगा जो फिलहाल केंद्रीय बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊपर चल रही है.

उन्होंने कहा, ‘मेरा यह मानना है कि अगर मुद्रास्फीति हमारी उम्मीदों के अनुरूप रहती हैं, तो भविष्य में नी’तिगत दर में कटौ’ती की गुंजाइश होगी. इस गुं’जाइश का उपयोग आर्थिक वृद्धि में सुधार को संबल देने के लिये सोच-समझकर करने की जरूरत है.’ रिजर्व बैंक के अनुसार सकल मुद्रास्फीति चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में न’रम पड़ेगी. अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इसमें और कमी आने का अनुमान है.

मु’द्रा’स्फी’ति जून 2020 से 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है. सरकार ने आ’रबीआई को महंगाई दर 2 फीसदी घट-बढ़ के साथ 4 फीसदी के स्तर पर रखने की जिम्मेदारी दी हुई है.

वृद्धि के बारे में दास ने कहा, ‘हालांकि, कुछ अनिश्चितताएं भी हैं, जो शुरूआती पुनरूद्धार के पहिए को रोक सकती हैं. उसमें मुख्य रूप से कोविड-19 के मा’मलों में फिर से बढ़ोतरी की आशंका है. घरेलू वित्तीय स्थिति में सुधार के बावजूद नि’जी निवेश गतिविधियां नरम रह सकती हैं. हा’लांकि, घरेलू वि’त्तीय स्थिति बेहतर हुई है.’