Categories
धार्मिक

इन 6 उपा’यों से घर में आती है ल’क्ष्मी, जानें धन’वान बनने के रा’स्ते…

धार्मिक खबर

ख’र्च
व्य’क्ति को काफी प’रिश्रम करने के बाद पैसा प्रा’प्त होता है. ऐसे में हमें पैसे की इ’ज्जत करनी चाहिए, उसे यहां-वहां व्य’र्थ ही ख’र्च नहीं करना चाहिए. सोच समझकर ख’र्च करने वाला व्य’क्ति हमेशा सुखी रहता है साथ ही उसके पास लं’बे सम’य तक पैसा सं’चित रहता है. व्य’क्ति को धन के म’हत्व के बारे में जा’नकारी होना आ’वश्यक है. इससे सही और गल’त ख’र्च में फ’र्क करने में आ’सानी हो जाती है.

सो’च
हमें हर दिन सही रा’स्ते पर चल’कर अपनी ति’जोरी को भ’रने के बारे में सोचना चाहिए. अगर हमा’री सो’च इसमें लगे कि कैसे बिना किसी को नुक’सान पहुं’चाए ध’न कमा’या जा जाए तो इससे रा’स्ते खु’लते हैं और आगे की रा’ह आसा’न हो जाती है. बिना सोचे और दि’माग पर जोर डा’ले किसी भी क्षे’त्र में आगे बढ़ना ख’तरे से भ’रा होता है.

यकी’न
मेह’नत करना और उस पर यकी’न करना, ये दो आ’दतें हों तो व्य’क्ति को धन सं’बंधी कोई प’रेशानी नहीं हो सकती. सफल’ता के लिए प’रिश्रम अ’त्यंत आ’वश्यक है. व्य’क्ति को मेह’नत शारी’रिक और मान’सिक, दोनों रू’प से करना होता है. जो लोग मेह’नत करने से क’तराते हैं वो क’भी आगे नहीं ब’ढ़ पाते. 

संग’ति
व्य’क्ति को बुद्धि’मान की संग’ति में रहना चाहिए. मू’र्खों के साथ रहने वाले लोगों की बु’द्धि भी धी’रे-धी’रे उनकी तरह ही होने लगती है. ऐसे में सो’चने-समझ’ने की क्षम’ता कम हो जाती है. व’हीं ज्ञा’नी लोगों के साथ रहने से जी’वन को सुग’म बनाने के कई रा’स्तों के बारे में पता चलता है. ऐसे लोगों से दो’स्ती कर आप ध’न को बढ़ा’ने से सं’बंधित उपा’य की जा’नकारी भी प्रा’प्त करते हैं.

अध्या’त्म
चा’णक्य नी’ति के मुता’बिक अ’ध्यात्म जी’वन को सही रा’स्ता दिखाता है. अ’ध्यात्म से जुड़ा व्य’क्ति कभी धन के लिए परेशा’न नहीं होता. उसके जी’वन में धन का आग’मन होता रहता है. द’रिद्रा कभी पास नहीं आती, इसलिए मां ल’क्ष्मी की कृ’पा भी बनी रहती है. 

स’त्य
विष’म परि’स्थितियों में भी स’त्य के रा’स्ते पर चलने वाला व्य’क्ति कभी नि’र्धन नहीं होता. कहा जाता है कि स’त्य के रा’स्ते पर चलने वाले व्य’क्ति के जी’वन में दैवी’य कृ’पा रहती है. द’रिद्रता उससे को’सो दू’र रहती है. इसीलिए चा’णक्य भी धन’वान बनने के लिए स’त्य को अप’नाने की बा’त करते हैं.