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राज्यसभा में हं’गा’मा करने वाले इन 8 सांस’दों पर स’ख्त कार्यवाही, पूरे सत्र के लिए किए गए निलं’बित…

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उपस’भापति हरिवंश ने उनकी मांग को ठुकराते हुए कहा कि मत विभा’जन तभी हो सकता है जब सदस्य अपनी सीट पर हों. तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आसन की ओर बढ़ते हुए नियम पुस्तिका उप सभापति की ओर उछाल दी. सदन में खड़े मार्शलों ने इस कोशिश को नाकाम करते हुए उछा’ली गई पुस्ति’का को रोक लिया. माइ’क्रोफोन को खींच निकालने का भी प्रयास किया गया लेकिन मा’र्शलों ने ऐसा होने से रोक दिया.

डीएमके सदस्य तिरु’चि शिवा, जिन्’होंने ओ’ब्रायन के साथ और कांग्रेस के केसी वेणुगो’पाल और सी’पीएम सदस्य केके रागेश के साथ मिलकर विधेय’कों को स्टैंडिंग कमेटी को भेजने का प्रस्ताव किया था, उन्होंने काग’जात फाड़कर हवा में उछा’ल दिए.

उप सभा’पति हरि’वंश ने सदस्यों को अपने स्थानों पर वापस जाने और कोविड-19 के कारण आपस में दूरी बनाने की आवश्’यकता को ध्यान में र’खकर आसन के समीप नहीं आने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने हंगामा थमता न देख पहले सदन की लाइव का’र्यवाही के ऑडि’यो को बंद करवा दिया और फिर कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी. जब सदन की कार्य’वाही दोबा’रा शुरु हुई ,तो विप’क्षी दलों ने नारे लगाए लेकिन वे हरिवंश को ध्वनि मत से विधे’यक को पारित करने के लिए रखने से रोक नहीं पाए वि’पक्षी दलों द्वारा लाये गये संशो’धनों को खारिज करते हुए दोनों विधे’यकों को ध्वनि मत से पा’रित कर दिया गया.

इस वजह से शुरू हुआ था हं’गा’मा
गौरतलब है कि राज्य’सभा में रविवार को कृ’षि विधेयक पर चर्चा के दौरान काफी हो-हं’गामा देखने को मिला. यह सब तब हुआ जब ‘सदन की बैठक का समय वि’धेयक को पा’रित करने के लिए निर्धा’रित समय से आगे बढ़ा दिया गया. विपक्षी सद’स्यों, का मानना था कि इस तरह का फैसला केवल सर्वस’म्मति से ही लिया जा सकता है और वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभापति के आसन के सामने इकट्ठा हो गए. उन्होंने स”र’का’र पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया. 

हंगा’मे के कारण कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को संक्षेप में अपनी बात रखनी पड़ी तथा उप सभापति ह’रिवंश ने विधेयकों को परित कराने की प्रक्रिया शुरु कर दी. विपक्ष द्वारा व्यापक जांच पड़ताल के लिए लाये गए चार प्रस्तावों को ध्वनिमत से नकार दिया गया लेकिन कांग्रेस, तृणमूल, सीपीएम और द्रमुक सदस्यों ने इस मुद्दे पर मत विभाजन की मांग की.