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दु:खद-: बिहार चुनाव के पहलें सियासी गलियारो में दौड़ी शोक की लहर, नही रहे RJD के संस्थापक लालू यादव के……..

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बिहार चुनाव 2020 से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.रघुवंश प्रसाद सिंह नहीं रहे। वह 74 साल के थे। रविवार को उन्होंने नई दिल्ली स्थित AIIMS अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके दे’हांत की जानकारी बेटे सत्यप्रकाश सिंह ने दी, जबकि पीए हरेश सिंह ने की इस बात की पुष्टि की।

सिंह बीते कुछ दिनों से बीमार थे। अस्पताल में उनकी हालत नाजुक थी। वह वेंटिलेटर पर थे। दो दिन पहले भी उनकी तबीयत में गिरावट आई थी। बताया जाता है कि संक्रमण बढ़ गया था। साथ ही उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी।

वह इससे पहले कोरोना संक्रमित पाए गए थे, जिसके बाद उनका इलाज बिहार की राजधानी पटना में चला था। बाद में उन्हें दिल्ली के एम्स शिफ्ट किया गया। बता दें कि अस्पताल के आईसीयू वॉर्ड से उन्होंने हाल में लालू प्रसाद यादव की RJD को अपना इ’स्ती’फा भेज दिया था। उनकी चिट्ठी के बाद खूब सियासी ह’ड़’कं’प मचा था।

सिंह के देहांत के बाद बिहार में फिलहाल शोक की लहर है। जेडीयू नेता केसी त्यागी ने दुख जताया है। कहा है कि यह राजनीति की अपूरणीय क्षति है।

रघुवंश प्रसाद सिंह ने निधन पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने गहरा दुख जताया है. लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट किया, ‘प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है. लेकिन आप इतनी दूर चले गए. नि:शब्द हूं. दुःखी हूं. बहुत याद आएंगे.’

प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया?

मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन आप इतनी दूर चले गए।

नि:शब्द हूँ। दुःखी हूँ। बहुत याद आएँगे।

बता दें कि रघुवंश प्रसाद सिंह के इ’स्ती’फा देने से बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आरजेडी को झ’ट’का लगा था. रघुवंश प्रसाद सिंह पिछले 32 वर्षों से लालू प्रसाद यादव के साथ जुड़े हुए थे. उन्होंने दिल्ली एम्स के आईसीयू से अपना इ’स्ती’फा रांची रिम्स में अपना इलाज करा रहे लालू प्रसाद यादव को भेजा था.

कहा जाता है कि रघुवंश प्रसाद सिंह आरजेडी में एक ऐसे नेता थे जो पार्टी अगर ग’लत ट्रैक पर जा रही होती तो उसे रोकने में पल भर की देरी नहीं करते थे. वैसे तो राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के सामने किसी की मुंह खोलने की हिम्मत नहीं होती थी, लेकिन रघुवंश प्रसाद सिंह इन सब से अलग थे और लालू प्रसाद यादव भी उनकी बातों को मानते थे.

एम्स से रघुवंश प्रसाद सिंह ने रांची के रिम्स में भर्ती आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को भेजे अपने इ’स्तीफे में लिखा था, ‘जन नायक कर्पूरी ठाकुर के नि’ध’न के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे खड़ा रहा लेकिन अब नहीं…. पार्टी, नेता, कार्यकर्ता और आम जनता ने बड़ा स्नेह दिया, मुझे क्षमा करें.’,