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चीन बना शै’ता’न, लॉकडाउन में मु’स्लि’म महिलाओं को न’ग्न कर करता था ये घि’नौ’ना का’म👇

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चीन में उ’इ’ग’र मु’स’ल’मा’नों पर क्रू’र अ’त्या’चा’रों से सारी दुनिया वा’कि’फ है । लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाऊन में ड्रे’ग’न का और भ’या’व’ह व शै’ता’नी रूप सा’म’ने आया है। चीन उ’इ’ग’र मु’स्लि’मों पर इस तरह कहर ढा रहा है कि स’न’क’र रूप कां’प जाएगी। वा’य’र’स प्र’को’प के च’र’म पर रहने के दौ’रा’न पु’लि’स द्वारा गि’र’फ्ता’र की ग’ई म’ध्यम आ’यु वर्ग की एक उ’इ’ग’र मु’स्लि’म महिला ने ह’वा’ला’त की भ’या’व’ह कहानी बताई है। उसके साथ द’र्ज’नों अन्य महिलाओं को भी व’हां बं’द किया गया था। उसने बताया कि वहां उसे एक द’वा पीने के लिए म’ज’बू’र किया गया जिससे क’म’जो’री एवं मितली महसूस होने लगी।

महिला ने बताया कि उसे और अन्य महिलाओं को हफ्ते में एक बार मुंह ढ’क’क’र न’ग्न होना पड़ता था और फिर उनके ऊपर रो’गा’णु’ना’श’क रसायन का छिड़काव किया जाता था। स’जा के ड’र से नाम उ’जा’ग’र न करने की श’र्त पर शि’न’जि’यां’ग की इस महिला ने अपने जीवन के इन भ’या’व’ह दिनों को याद करते हुए कहा, “यह बे’ह’द पी’ड़ा’ज’न’क था।” उसने कहा, “मेरे हाथ ख’रा’ब हो गए, मेरी त्व’चा उ’त’र’ने लगी।” उत्तर-पश्चिमी शि’न’जि’यां’ग क्षेत्र में सरकार कोरोना वायरस से नि’प’ट’ने के लिए क’ठो’र’त’म क’द’म उ’ठा रही है जिसमें लोगों को घरों में बं’द क’र’ना, 40 दिन से अधिक का पृथक-वास और इसका पालन न करने वालों को गि’र’फ्ता’र किया जा’ना शा’मि’ल है।

सरकारी नोटिसों, सोशल मीडिया पोस्ट और शिनजियांग में पृथक-वास में रह रहे तीन लोगों के मुताबिक कुछ लोगों को पारंपरिक चीनी दवा खाने पर म’ज’बू’र किया गया। विशेषज्ञ इसे चिकित्सा नैतिकता का उ’ल्लं’घ’न बता रहे हैं। चीनी दवा के वा’य’र’स के खि’ला’फ काम करने को लेकर चिकित्सकीय डाटा का अभाव है और शिनजियांग में इस्तेमाल होने वाली हर्बल दवा ‘किंगफेई पाइडु’ में ऐसी सामग्रियां हैं जिन्हें विषाक्त एवं कैं’स’र’का’री पदार्थों का अधिक स्तर होने की वजह से जर्मनी, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और अन्य देशों में प्रतिबंधित किया गया है।

हालिया सख्त लॉकडाउन मध्य जुलाई में शिनजियांग में ऐसे 826 मा’म’ले सा’म’ने आए हैं। इस लॉकडाउन को अब 45 दिन हो गए हैं जो अपनी गं’भी’र’ता की वजह से खा’स तौ’र पर चर्चा में है और इसलिए भी कि पिछले एक हफ्ते में स्थानीय सं’क्र’म’ण का एक भी मा’म’ला सा’म’ने नहीं आया है।