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नेपाल ने भारत के खिलाफ फिर से उगला ज़हर, दिया ये उटपटांग बयान

नेपाल की सत्ताधारी वामपंथी पार्टी चीन की सत्ताधारी वामपंथी पार्टी के इशारों पर भारत से सम्बन्ध बिगाड़ने पर उतारू है. पिछले दिनों नेपाल के पीएम की तरफ से कई ऐसे भड़काऊ बयान दिए गए जिसके लिए उनके देश में ही उनकी आलोचना हुई. कुर्सी गंवाने के खतरे से जूझ रहे ओली अपनी सत्ता बचाने के लिए चीन की शरण में हैं इन दिनों. अब फिर से नेपाल ज़हर उगलते हुए भारत के खिलाफ उटपटांग बयान दिया हैं. आइये आपको बताते हैं उस बयान के बारे में. जिसे जानकर आप भी दंग रह जायेंगे.

नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली ने कहा, “हमें पता है कि भारत-चीन के बीच विवाद है लेकिन 21वीं सदी को एशियाई सदी कहा जाता है. इस संदर्भ में, चीन और भारत के बीच जितनी अच्छी समझ विकसित हो और सहयोग हो, क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि बढ़ेगी. यही नहीं, यह विश्व शांति के लिए एक उपलब्धि होगी. इसलिए उनके बीच की दूरी कम होने दें और सहयोग बढ़ाएं. हम भी यही चाहते हैं. यदि भारत और चीन के बीच कोई विवाद है, तो हम किसी का पक्ष नहीं लेंगे. हम योग्यता और मुद्दे के आधार पर अपने रिश्तों को आगे बढ़ाते हैं.”

उन्होंने कहा, हम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को मित्र मानते हैं. चीनी क्रांति से सीखने के लिए कई सकारात्मक चीजें हैं. आज, चीन ने अभूतपूर्व प्रगति की है. यह दुनिया के समाजवादियों के लिए एक प्रेरणा हो सकती है और हमें उनके अनुभव से सीखना होगा. हालांकि, हम चीनी क्रांति की नकल नहीं करते हैं. हम चीनी समाजवादी मॉडल का बिल्कुल पालन नहीं करते हैं.