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Big Breking:सरकार ने किया प्रत्येक केंद्रीय कर्मियों के लिए बड़ा बदलाव !ये नियम जरूर पढ़ें..

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सार नाइट ड्यूटी, रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे के बीच तक मानी जाएगी। कर्मियों को हर घंटे की रात्रि ड्यूटी के लिए दस मिनट का अतिरिक्त फायदा मिलेगा। नए नियम एक जुलाई 2017 से लागू होंगे…

केंद्र सरकार ने रात्रि ड्यूटी करने वाले कर्मियों को फायदा पहुंचाने के लिए नए नियम एवं शर्तें निर्धारित की हैं। सातवें वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की तरफ से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी कर्मचारियों को एक विशेष ग्रेड पे के साथ नाइट ड्यूटी भत्ता प्रदान करने की वर्तमान प्रथा अब समाप्त कर दी गई है।
नाइट ड्यूटी, रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे के बीच तक मानी जाएगी।

कर्मियों को हर घंटे की रात्रि ड्यूटी के लिए दस मिनट का अतिरिक्त फायदा मिलेगा। नए नियम एक जुलाई 2017 से लागू होंगे।
रात्रि ड्यूटी के लिए बनाए गए हैं ये नियम

रात्रि ड्यूटी के वेटेज फैक्टर को ध्यान में रखते हुए काम के जितने भी घंटे बनते हैं, उसके लिए कोई अतिरिक्त मुआवजा स्वीकार्य नहीं होगा।
नाइट ड्यूटी, रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे के बीच तक मानी जाएगी।
रात की ड्यूटी के हर घंटे के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त बेनिफिट दिया जाएगा। जैसे किसी कर्मचारी की नाइट ड्यूटी के 50 घंटे बनते हैं, तो उसका एक्स्ट्रा बेनिफिट 500 मिनट होगा।
नाइट ड्यूटी अलाउंस की पात्रता के लिए मूल वेतन की सीमा 4,3,600 रुपये प्रति माह तय की गई है।
केंद्र सरकार द्वारा नाइट ड्यूटी अलाउंस देने के लिए अब यह फार्मूला निर्धारित किया गया है।

इसके तहत कर्मचारी के मूल वेतन में डीए को जोड़कर उसे 200 से विभाजित कर दिया जाएगा। इससे एक घंटे की नाइट ड्यूटी अलाउंस की दर निकलेगी और इसी दर पर कर्मी को भुगतान किया जाएगा।
यह फॉर्मूला सभी मंत्रालयों और विभागों के उन कर्मचारियों पर लागू होगा, जिन्हें पहले से नाइट ड्यूटी अलाउंस मिलता है।
रात्रि ड्यूटी करने की तिथि पर संबंधित कर्मचारी का जो मूल वेतन है, उसके आधार पर प्रत्येक कर्मचारी को अलग से नाइट ड्यूटी अलाउंस की राशि का भुगतान किया जाएगा। मौजूदा पॉलिसी में एक समान ग्रेड पे वाले कर्मियों को एक ही दर से नाइट ड्यूटी अलाउंस दिया जाता है। अब इसे खत्म कर दिया जाएगा।
नाइट ड्यूटी करने के लिए संबंधित विभाग के सुपरवाइजर की तरफ से सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। इसे अनिवार्य दस्तावेजों की श्रेणी में शामिल किया गया है। यानी इसके जारी होने के बाद ही कर्मी को नाइट ड्यूटी मिलेगी।