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दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची चीनी कंपनी, रेलवे ने रद्द किया इतने करोड़ का ठेका

कोरोना वायरस वक्त के साथ-साथ तेजी से फैलता जा रहा है. दुनिया में कोरोना मामलों की कुल संख्या 14 मिलियन पार कर गई है. कोरोना संक्रमितों की संख्या 13 मिलियन से 14 मिलियन पहुंचने में महज चार दिन लगे. यानी कि दुनियाभर में 1 मिलियन (10 लाख) कोरोना मामले 100 घंटे से भी कम समय में बढ़ गए. बता दें सारे देश कोरोना के लिए जिम्मेवार चाइना को ठहरा रहा हैं. हो भी क्यूं न हो क्युकिं इस वायरस की शुरुवात चाइना से हुई थी. आइये आपको बताते हैं इससे जुड़ी पूरी बात.

रेलवे के सार्वजनिक उपक्रमों ने काम की धीमी गति के कारण चीनी फर्म के सिग्नलिंग और दूरसंचार से संबंधित 471 करोड़ रुपये के ठेके को रद्द कर दिया. इस मामले को लेकर चीनी फर्म ने रेलवे को अदालत में घसीट लिया है. यह कार्य कानपुर और मुगलसराय के बीच गलियारे के 417 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर किया जाना था. चीनी कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मामले पर गुरुवार को सुनवाई हुई,  हालांकि, इसपर अभी कोई फैसला नहीं आया है. सचान ने कहा कि बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एडं डिजाइन इंस्टिट्यूट ऑफ सिग्नल एंड कम्युनिकेशन ग्रुप को 14 दिन का नोटिस देने के बाद यह निरस्तीकरण पत्र जारी किया गया. इसी ग्रुप को 2016 में 471 करोड़ रूपये का यह ठेका दिया गया था.

वर्ल्ड बैंक, जो ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को फंड कर रहा है, ने अभी तक टर्मिनेशन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया है. रेलवे ने विश्व बैंक का इंतजार नहीं करने और परियोजना को खुद ही फंड करने का फैसला किया है.डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक अनुराग सचान ने शुक्रवार को कहा, ‘‘ यह निरस्तीकरण पत्र आज जारी किया गया.’’अधिकारियों ने कहा कि चीनी कंपनी को इस परियोजना से बाहर निकालने का काम जनवरी 2019 में शुरू हुआ था क्योंकि वह निर्धारित समयसीमा में काम नहीं कर पायी थी. उन्होंने कहा कि कंपनी तब तक महज 20फीसद ही काम कर पायी थी.