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महाकाल में गिरफ्तारी के दौरान जब्त विकास का काला बैग, खोल सकता है कई बड़े राज़

कल का पूरा दिन उत्तर प्रदेश के इनामी अपराधी विकास दुबे के नाम रहा। कल दिन भर न्यूज़ चैनलों पर यूपी एसटीएफ द्वारा विकास दुबे को मारे जाने की खबर चलती रही। दरअसल जब से विकास दुबे की गिरफ्तारी हुई है तब से ही लोग अलग-अलग समीकरण दे रहे हैं। इसी दौरान यूपी एसटीएफ के हाथ विकास दुबे का एक काला बैग भी लग गया है। माना जा रहा है इस बैग के अंदर कई राज़ छिपे हुए हैं। बता दें ये काला बैग उस वक्त एमपी पुलिस ने जब्त किया था जब उज्जैन के महाकाल मंदिर से विकास दुबे की गिरफ्तारी की गई थी। सूत्रों के हवाले से यह बात भी सामने आ रही है कि विकास दुबे का यह बैग कानपुर कांड से लेकर उज्जैन में गिरफ्तार होने तक साये की तरह उसके साथ रहा है।

वहीं यह बात भी सामने आ रही है कि विकास काफी दिनों से सरेंडर करने की कोशिश में था, यही नहीं उसने दिल्ली में भी दो दिन तक सरेंडर करने का प्रयास किया। इसके लिए वह एक नामी वकील के संपर्क में भी जुड़ा रहा। मगर जब दिल्ली में किसी भी तरह से सफलता नहीं मिली तो उसने मध्य प्रदेश की तरफ रुख किया। इसके बाद की घटना जैसा कि आपको पता है कि फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी की गई। वहीं बैग के साथ विकास दुबे का मोबाइल भी बरामद किया गया है। पुलिसिया सूत्रों की मानें तो इस मोबाइल फोन के ज़रिए वो किन-किन लोगों के संपर्क में था इसका पूरा कच्चा-चिट्ठा निकाला जा सकता है। 

बता दें विकास के जिस काले बैग की हम बात कर रहे हैं उसमें एक मोबाइल फोन भी मिला है। पुलिस के अनुसार विकास को जिसने अब तक शरण दे रखी थी उनसे वो अपने इसी फोन की सहायता से संपर्क करता था और जब बात खत्म हो जाती अपने फोन को बंद कर लेता। बात दें कि विकास दुबे जब महाकाल में दर्शन करने गया तब अपने इस काले बैग को वो लॉकर रूम में रख कर गया था, पुलिस ने यहीं से इसे जब्त किया है। इस बैग में कुछ कपड़ों के साथ-साथ मोबाइल फोन और चार्जर भी बरामद किया गया है। इसके साथ ही जूता स्टैंड पर उसके जूते भी रखे हुए थे, इन्हें भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

सूत्रों की मानें तो विकास दुबे उज्जैन में एक शराब व्यापारी के घर ठहरा हुआ था।  उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे केस में ताबड़तोड़ जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उसने कई ऐसे लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिन पर विकास दुबे की सहायता करने का आरोप है।  बता दें विकास दुबे को हैंड ओवर करने के साथ-साथ उसके बैग को भी यूपी पुलिस को सौंप दिया गया है। इस बैग से क्या अहम सुराग निकलते हैं यह देखना दिलचस्प होगा। क्या इस बैग की सहायता से पुलिस विकास दुबे को शरण देने वालों तक पहुंच पाएगी? यह तो भविष्य के गर्भ में छुपा हुआ है, हालांकि अभी तो भागते भूत की लंगोट ही काफी है।