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भारत का एक ऐसा मंदिर, जहां आज तक नहीं की गई पूजा, बेहद अजीबो-गरीब है कारण………

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इस मंदिर का निर्माण राजा नरसिंहदेव ने करवाया था. अपनी शिल्पकला को लेकर यह मंदिर पूरी दुनिया में फेमस है. ऐसा कहा जाता है कि 15वीं शताब्दी के आस-पास मुस्लिम सेना ने इस मंदिर पर आक्रमण कर दिया था.

भारत में आप कहीं भी चले जाएं, वहां आपको मंदिर-मस्जिद जरूर नजर आ जाएगा. कई मंदिर-मस्जिद तो इतने फेमस हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. इतना ही नहीं सबकी अपनी-अपनी मान्यताएं हैं, जिसे लोग दिल से मानते हैं. लेकिन, आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आज तक पूजा-अर्चना नहीं की गई. हो सकता है इस बात पर आपको यकीन ना हो रहा हो, लेकिन यह सच है.

तो चलिए, जानते हैं इस मंदिर के बारे में कुछ दिलचस्प बातें…

जानकारी के मुताबिक, यह मंदिर ओडिशा कोणार्क में है. रिपोर्ट के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण राजा नरसिंहदेव ने करवाया था. अपनी शिल्पकला को लेकर यह मंदिर पूरी दुनिया में फेमस है. ऐसा कहा जाता है कि 15वीं शताब्दी के आस-पास मुस्लिम सेना ने इस मंदिर पर आक्रमण कर दिया था. जिसके बाद पुजारियों ने सूर्य देवता की मूर्ती को जगन्नाथ मंदिर में रख दिया था. वहीं, 20वीं सदी में ब्रिटिश शासनकाल में इस मंदिर की खोज की गई. सच्चाई ये है कि इस मंदिर के रहस्य को आज तक कोई नहीं सुलझा सका. कहते हैं इस मंदिर के सबसे ऊपर एक चुंबकीय पत्थर रखा है. जिसके कारण समुद्र से गुजरने वाला कोई भी जहाज उसकी ओर खिंचा चला आता है. कहा ये भी जाता है कि मंदिर के ऊपर इसलिए चुंबक रखा गया है, जिससे दीवारों का बैलेंस बना रहे.

ये है सबसे बड़ा कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मंदिर में आज तक पूजा-अर्चना नहीं की गई. चर्चा यहां तक है कि जब इस मंदिर का निर्माण हो रहा था तो प्रमुख वास्तुकार के बेटे ने इसी मंदिर में सुसाइड कर लिया था. इसके बाद से मंदिर में पूजा-अर्चना पर रोक लगा दी गई. कहा ये भी जाता है कि अगर कोई मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करे, तो सभी प्रकार की मोह-माया बाहर छोड़ कर आये. तो आपको यह जानकारी कैसी लगी, कमेंट कर जरूर बताए.