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ऐसी महिला कभी बच्चे की मां नहीं बनती, ये पा’प करने से हो जाती है बां’झ, जानें…..

धार्मिक खबर


Chanakya Niti In Hindi: स्त्री को घर की शोभा माना गया है. स्त्री सम्मा’न का प्रतीक है. जिस घर में गुणवान स्त्री होती है वह घर स्वर्ग के समान हो जाता है. चाणक्य नीति में कहा गया है कि गुणवान स्त्री जहां कुल का गौ’रव बढ़ाती हैं.

शास्त्रों में स्त्री को वंदनीय माना गया है. स्त्री को शक्ति और देवी का प्रतीक माना गया है. चाणक्य ने ऐसी स्त्रियों से दूरी बनाने के लिए कहा जिनमें अंह’कार, अज्ञा’नता, और लालच जैसे अवगुण हों. चाणक्य के अनुसार इन अवगुणों से युक्त स्त्री स्वयं का भी नाश करती है वहीं जो उसके नजदी’की होते हैं उनका भी ना’श ही करती है.

अंह’कार: स्त्री को अंह’कार से बचना चाहिए. स्त्री को कभी भी किसी बात का अंह’कार नहीं करना चाहिए. चाणक्य ने स्त्रियों के लिए अंह’कार को बेहद खतरना’क बताया है. चाणक्य के अनुसार जब स्त्री में अंहका’र आ जाता है तो उससे लक्ष्मी और माता सरस्वती रुठ जाती हैं. सुख-समृद्धि का धीरे-धीरे घर से न’ष्ट होने लगती है.

अज्ञा’नता: चाणक्य के अनुसार स्त्री को ज्ञान’वान होना चाहिए. समाज के नि’र्माण में स्त्रियों की भूमि’का सबसे अह’म मानी गई है. शिक्षित और ज्ञान से पूर्ण स्त्रियां ही इस समाज को नई दिशा प्रदान करती हैं. क्योंकि वे इस गुण से घर को स्वर्ग बनाती हैं. घर से ही समाज के नि’र्माण का रा’स्ता बनता है.

लालच: स्त्रियों को इस अवगुण से चाणक्य ने बचने के लिए कहा है. चाणक्य के अनुसार जब स्त्री ला’लज करने लगती है तो वह घर की सुख शांति को नष्ट करने लगती है. घर के सदस्यों का जी’वन त’नाव से भर जाता है. तनाव से व्यक्ति की कार्यकु’शलता प्रभावित होने लगती है और एक दिन ऐसा आता है कि सबकुछ नष्ट हो जाता है.