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अच्छा समय आने से पहले मिलते हैं ये 6 संके’त, जानें क्या आपको भी मिले हैं ये…..

धार्मिक खबर

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े क’ठोर लगे लेकिन ये कठो’रता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भा’गदौड़ भरी जिं’दगी में इन विचारों को भले ही नजरअं’दाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौ’टी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्ले’षण करेंगे। आज का विचार दूसरों की नजरों में अच्छा बनने का प्र’यास नहीं करना चाहिए इस पर आधारि’त है।

आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि कई बार मनुष्य दूसरों की नजरों में उ’ठने ले लिए अथ’क प्रयास करता है। कई बार ये प्रयास सही में वो दिल से करता है, तो कई बार ये प्रयास दि’खावा मा’त्रा होता है। अगर आप भी कुछ ऐसा ही करते हैं तो ऐसा बिल्कु’ल ना करें।

कई बार अ’सल जिंदगी में ऐसा होता है मनुष्य दूसरों को इं’प्रेस करने के चक्क’र में खुद को ही भू’ल जाता है। वो ये बात भूल जाता है कि किसी को इंप्रे’स करने से अच्छा है कि अपने आप को अच्छा बनाने का प्रय’त्न करना। दूसरों को इं’प्रेस करने के लिए अगर आप कोई भी दिखा’वा करते हैं तो वो ना के’वल छ’ल होगा ब’ल्कि इससे आपका म’हज समय ही बर्बा’द होता है। ऐसा इसलिए क्यों’कि जिस व्य’क्ति को इंप्रे’स करने के लिए आप ये सारी कोशि’शें कर रहे हैं ऐसा नहीं है कि उसे कुछ नजर नहीं आएगा।