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दुश्मन की भी हथेली पर ना हो ये निशान, भयानक होते हैं इसके परिणाम

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हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हमारी हथेली पर ऐसे कई निशान होते हैं जो छोटी-छोटी रेखाओं के मिलने या टकराने से बनते हैं। इनमें कुछ निशान हमें शुभ फल प्रदान करते हैं, किंतु कुछ बेहद अशुभ होते हैं।

‘एम’ अक्षर का निशान या ‘स्टार’ और कुछ खास स्थितियों में ‘चक्र’ का निशान जहां हथेली के कुछ शुभ निशानों में माने जाते हैं, वहीं कुछ ऐसे निशान भी हैं जो हर परिस्थिति में बेहद अशुभ स्थितियां लाते हैं। आज हम आपको हथेली के एक ऐसे अशुभ निशान ‘क्रॉस’ के बारे में बताने जा रहे हैं।

कई बार दो रेखाएं जब आकर एक-दूजे के साथ कटती हैं, तब यह निशान बनता है। यूं तो हमारे हाथ में अनगिनत रेखाएं होती हैं जो क्रॉस का निशान बनाती हैं, लेकिन असल में अशुभ क्रॉस निशान कौन सा है और किस स्थान पर बनता है, आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली पर बना क्रॉस का निशान मु’सी’बत, नि’रा’शा, ख’तरा और कभी-कभी जीवन में सं’क’ट का संकेत देता है। क्रॉस के लक्षण विभिन्न पर्वतों और रेखाओं की स्थिति पर निर्भर करते हैं। विभिन्न पर्वतों और रेखाओं पर अपनी स्थिति के आधार पर क्रॉस के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं।

यह दु’र्घ’ट’ना के द्वारा एक हिंसक मृ’त्यु के संकट की चेतावनी देता है। लेकिन जब यह पर्वत के केंद्र पर स्थित हो, तो व्यक्ति के जीवन में भाग्यवादी की प्रवृत्ति को बढ़ाता है।

सूर्य ग्रह हमें समाज में यश, सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाता है, और इसी पर्वत पर अशुभ चिह्न का होना मुसीबतें खड़ी कर देता है। सूर्य पर्वत पर स्थित क्रॉस सं’कट को दर्शाता है। यह व्यक्ति को प्रसिद्धि, कला या धन की खोज में निराशाजनक संकेत देता है।

इस पर्वत पर क्रॉस व्यक्ति की बेईमान प्रकृति को दर्शाता है। व्यक्ति अच्छे मस्तिष्क होने के बावजूद दोहरी प्रकृति का होता है। यह निशान व्यक्ति की बुद्धि को नष्ट करने का काम भी करता है। सब कुछ जानते हुए भी वह बुरे कर्म करने लगता है।