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बड़ा खुलासा : इन बड़े नेता के छॉव में पला-बढ़ा था कुख्यात विकास दुवें..हुया खुलासा

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कानपुर में आतंक का पर्याय बन चुका हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया जिसमें सीओ, थानेदार 2 दरोगा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए जिसके बाद पर ही पूरे पुलिस महकमे में और पूरे यूपी में विकास दुबे के खिलाफ आक्रोश मर गया है। सुबह के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आला अधिकारियों को सख्ती से निपटने का आदेश दे दिया है।

लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल ये उठता है आखिर किसके संरक्षण में विकास दुबे का वर्षों से इतना बढ़ता चला गया आखिर कौन है जिस के संरक्षण में विकास दुबे इतना आगे बढ़ता चला गया और आतंक का पर्याय बन गया। एक निजी न्यूज़ चैनल का दावा है कि विकास दुबे सपा, भाजपा, बसपा के नेता जेब में पड़े रहते थे।

क्योंकि विकास दुबे को उत्तर प्रदेश के कई बड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त था जिसकी वजह से विकास दुबे का वर्चस्व बढ़ता चला गया और क्षेत्र में उसका दबदबा होने के साथ-साथ रसूख कुछ इस प्रकार हो गया कि विकास दुबे लोगों को यातनाएं देता था और उसके खिलाफ में बोलने वाला कोई नहीं होता था जो भी खिलाफत में बोलता था उस पर ही धावा बोल दिया जाता था।

विकास दुबे को राजनीतिज्ञों का संरक्षण प्राप्त था एक निजी न्यूज़ चैनल के हवाले से पता चला कि सबसे पहले विकास दुबे को दो भाजपा नेतों का सबसे पहले संरक्षण प्राप्त था जिनमे से एक राज्यमंत्री रहीं। फिर बसपा सरकार के कद्दावर नेता संरक्षण प्राप्त रहा उसके बाद भाजपा नेता के एक नेता का संरक्षण प्राप्त हुआ। विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे समाजवादी पार्टी से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुकी हैं।

सभी राजनीतिक दलों के ऊपर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की पकड़ है साल 2002 में मायावती के मुख्यमंत्री रहते हुए विकास दुबे ने कई जमीनों पर अवैध कब्जे किये थे। विकास खुद नगर पंचायत का चुनाव भी एक बार जीत चुका है।
सन 2000 के आसपास अनेक लोगों की निर्मम हत्या में विकास दुबे का नाम सामने आया था और पुलिस ने उस पर कार्रवाई भी की थी। साल 2000 में कानपुर के शिवली थाना क्षेत्र में स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था। इसके अलावा कानपुर के शिवली थाना क्षेत्र में ही साल 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास दुबे पर जेल के भीतर रह कर साजिश रचने का आरोप है। अनेक अपराधों में विकास दुबे पुलिस के लिए वांटेड था और अनेक दिनों से पुलिस उसकी धरपकड़ कर रही थी।