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मुश्किल में घिरे पुजारा, जडेजा और राहुल, लग सकता है 2 साल का बैन 😱

खेलखबर

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा, रविंद्र जडेजा और लोकेश राहुल समेत 5 खिलाड़ी जल्द ही बड़ी मुश्किल का सामना कर सकते हैं। खिलाड़ियों में अवैध पदार्थ की जांच करने के वाली संस्था नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने इन खिलाड़ियों को अपने रहने के स्थान की जानकारी देने में असफल होने के चलते नोटिस जारी किया है। वहीं इस मामले में बीसीसीआई ने नाडा को देरी का कारण पासवर्ड की गड़बड़ी बताया है।

भारतीय क्रिकेट टीम के जिन खिलाड़ियों को नोटिस जारी किया गया है उनमें महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा का नाम भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि नाजा के पास 110 क्रिकेटर्स की लिस्ट है जो राष्ट्रीय पंजीकृत परीक्षण पूल (एनआरटीपी) में शामिल हैं और उनमें से इन 5 खिलाड़ियों को नोटिस जारी किया गया है।

लग सकता है 2 साल का बैन

उल्लेखनीय है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते देश भर में लॉकडाउन लगाया है, जिसके चलते खिलाड़ियों को नाडा के पास अपने रहने के स्थान की जानकारी देना अनिवार्य है। ऐसे में अगर खिलााड़ी 3 बार यह जानकारी उपलब्ध करा पाने में नाकाम रहते हैं तो उन पर 2 साल का बैन लग सकता है।

गौरतलब है कि अगर क्रिकेट परिचालन टीम को पासवर्ड ठीक करने में मुश्किल आ रही थी तो पांचों क्रिकेटरों से ऐसा करने को कहा जा सकता था और वे किसी की मदद से व्यक्तिगत रूप से इसे भर लेते। लेकिन बीसीसीआई की इस गलती के चलते अगर यह नोटिस आधिकारिक चेतावनी बन गया तो कौन जिम्मेदार होगा।

बीसीसीआई ने दी सफाई

बीसीसीआई ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि इस काम के लिये उसने अपने अधिकारियों को लगाया है लेकिन इस बात की जानकारी नहीं है कि पासवर्ड में गड़बड़ी को दूर करने में इतना वक्त कैसे लग गया है।

इस मामले में जब बीसीसीआई के क्रिकेट परिचालन अधिकारी से पूछा गया कि क्या यह 5 क्रिकेटर अपना फॉर्म खुद नहीं भर सकते थे। इसके जवाब में उन्होंने कहा,’यह लॉकडाउन का समय था और इस दौरान खिलाड़ी अपने घर से बाहर नहीं निकल रहे थे। इनमें से कुछ तो इंस्टाग्राम चैट और पॉडकास्ट पर भी थे जो उनके एजेंट संभाल रहे थे।’

नाडा ने की नोटिस देने की पुष्टि

नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने खिलाड़ियों को नोटिस जारी करने की पुष्टि करते हुए बताया कि बीसीसीआई ने अपने पांच एनआरटीपी खिलाड़ियों के स्थान की जानकारी का खुलासा करने में असफल रहने के लिए अधिकारिक स्पष्टीकरण भेजा है।

उन्होंने कहा,’एडीएएमएस (डोपिंग रोधी प्रशासनिक एवं प्रबंधन प्रणाली) सॉफ्टवेयर में ‘व्हेयरअबाउट्स फार्म’ भरने के दो तरीके हैं या तो खिलाड़ी खुद ही इसे भरे या फिर संघ उसकी तरफ से यह फॉर्म भरें। कुछ खेलों में एथलीट इतने शिक्षित नहीं होते या फिर उनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं होती तो वे खुद एडीएएमस के इस ‘व्हेयरअबाउट्स’ अनुच्छेद को ढूंढ नहीं पाते या फिर फॉर्म भरकर इसे अपलोड नहीं कर पाते।’

क्रिकेटर्स को भरने में नहीं आनी चाहिये थी दिक्कत

नवीन अग्रवाल ने आगे बताते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों के केस में ऐसा नहीं है, यह सभी काफी पढ़े-लिखे हैं और वो खुद भी अपना फॉर्म भरने में सक्षम हैं, ऐसे में बीसीसीआई का उनकी जगह पर फॉर्म भरने की जिम्मेदारी लेना बताता है कि शायद उनके पास समय की कमी है लेकिन यह बात बिल्कुल समझ नहीं आती की उन्हें यह जानकारी उपलब्ध कराने में 3 महीने का समय क्यों लग रहा है।

उन्होंने कहा,’ BCCI ने जो सफाई दी है वह तर्कसंगत लगता है लेकिन इस पर फैसला बाद में लिया जाएगा। एडीएएमएस में पासवर्ड के संबंध में गड़बड़ी हुई है। अब उन्होंने कहा कि यह मुद्दा निपट गया है। बीसीसीआई के स्पष्टीकरण पर चर्चा होगी कि इसे जानकारी देने में असफल होने के तीन में से एक के तौर पर गिना जाए या नहीं। यह दिए गए स्पष्टीकरण से देखा जाएगा कि बीसीसीआई यहां से आगे कैसे करता है।’