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नवरात्रि में 9 शक्ति पीठों की कहानी- इस मंदिर के गर्भ गृह में नहीं है मूर्ति, श्रीयंत्र की होती है पूजा

आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है. नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनसार, मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना करने से भक्त निर्भय और सौम्य बनता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मां चंद्रघंटा की पूजा करने से चंद्रमा की स्थिति सुधरती है.

अम्बाजी का मंदिर गुजरात

Zee UP Uttarakhand

नवरात्रि में 9 शक्ति पीठों की कहानी- इस मंदिर के गर्भ गृह में नहीं है मूर्ति, श्रीयंत्र की होती है पूजा

 नवरात्रि में 9 शक्ति पीठों की कहानी- इस मंदिर के गर्भ गृह में नहीं है मूर्ति, श्रीयंत्र की होती है पूजा

आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है. नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनसार, मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना करने से भक्त निर्भय और सौम्य बनता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मां चंद्रघंटा की पूजा करने से चंद्रमा की स्थिति सुधरती है.

अम्बाजी का मंदिर गुजरात

अम्बाजी मंदिर शक्तिपीठों में शामिल सबसे प्रमुख स्थल है क्योंकि यहां माता सती का हृदय गिरा था. इसका उल्लेख “तंत्र चूड़ामणि” में भी मिलता है. शक्तिस्वरूपा अम्बाजी देश के अत्यंत प्राचीन 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. सफेद संगमरमर के पत्थरों से बना गुजरात का अम्बाजी मंदिर बेहद प्राचीन है. मां अम्बा-भवानी के शक्तिपीठों में से एक इस मंदिर के प्रति मां के भक्तों में अपार श्रद्धा है. इस मंदिर के गर्भगृह में मां की कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है. शक्ति के उपासकों के लिए यह मंदिर बहुत महत्व रखता है. Yu