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सुहागिन महिलाएं भूलकर भी ना धोएं इस दिन बाल, वरना हो सकता है बहुत बड़ा अनिष्ट

हिन्दू शास्त्रों में कुछ ऐसे नियम हैं जिन्हें अपनाने से घर में सुख-शांति और बरकत बनी रहती है और आपके घर में समृद्धि का वास होता है, आपके घर में धन की वृद्धि होती है। शास्त्रों के अनुसार सप्ताह के कुछ दिन ऐसे हैं जिनमें अगर सुहागिन स्त्रियां अपने बाल धोती हैं तो उनके परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है और इससे उनके पति की आयु भी क्षीण हो सकती है। आपके घर में धन की वृद्धि होती है। वहीं शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार के दिन महिलाओं को बाल धोने की मनाही है।

स्त्रीयों की कुंडली में बृहस्पति ग्रह पति का कारक होता है और साथ ही बृहस्पति ग्रह संतान का भी कारक होता है। इस प्रकार अकेला बृहस्पति ग्रह संतान और पति दोनों के ही जीवन को प्रभावित करता है। बृहस्पतिवार को सिर धोने से गुरु ग्रह कमजोर होता है जिससे बृहस्पति के शुभ प्रभावों में कमी आती है और ऐसी स्त्री के पति की आयु क्षीण होती है।

बृहस्पतिवार के दिन लक्ष्मीनारायण की पूजा की जाती है, इस दिन लक्ष्मीनारायण का एक साथ पूजन करने से जीवन में खुशियों की अपार वृद्धि होती है। इस दिन लक्ष्मीनारयण का एक साथ पूजन करने से पति-पत्नी के बीच में कभी दूरी नहीं आती है और आपके घर में धन की भी वृद्धि होती है।

शास्त्रों में बृहस्पति ग्रह को जीव ग्रह कहा गया है। जीव मतलब जिसका सीधा संबंध व्यक्ति की आयु से होता है। इसलिए बृहस्पतिवार को नाखून काटना, बाल कटवाना और महिलाओं के बाल धोना आदि को वर्जित है। क्योंकि इससे आप अपने बृहस्पति ग्रह को करते हैं जिस से आपकी जीवन शक्ति दुष्प्रभावित होती है और इस कारण से व्यक्ति की आयु क्षीण होती है। इसलिए बृहस्पतिवार के दिन महिलाओं को भूलकर भी बाल नहीं धोने चाहिए।