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इस राशि के लोग कभी ना पहनें रुद्राक्ष ,भगवान शिव हो जाते हैं क्रोधित…

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Mala: कई लोगों को आपने रुद्राक्ष धारण किए हुए देखा होगा। रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसूओं से हुई मानी जाती है। दुनिया में 1 से लेकर 21 मुखी तर रुद्राक्ष उपलब्ध है। ऐसा माना जाता है रुद्राक्ष पहनने से शरीर की शक्ति बढ़ती है। रुद्राक्ष को हर कोई धारण नहीं कर सकता इसे पहनने के कुछ नियम है। इसलिए इसे धारण करने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए कि ये आपको सूट करेगा या नहीं। यहां जानिए रुद्राक्ष पहनने के लाभ और नियम…

रुद्राक्ष पहनने के लाभ:
-दिल के रोगियों के लिए रुद्राक्ष धारण करना लाभकारी माना जाता है।
-मान्यता है कि रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति पर महालक्ष्मी की कृपा होती है।
-माना जाता है रुद्रााक्ष धारण करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
-इसे पहनने से ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होती है।
-रुद्राक्ष तनाव और हाईब्लडप्रेशर को कम करने में मदद करता है।
-रुद्राक्ष त्वचा रोगों को ठीक करने में मदद करता है।
-इसे पहनने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।
-रुद्राक्ष कुंडली में क्रूर ग्रहों के बुरे प्रभाव को कम करने में मदद करता है।

रुद्राक्ष धारण करने के नियम:
-रुद्राक्ष आप कलाई, गले और हृदय पर धारण कर सकते हैं।
-इसे गले में धारण करना सर्वोत्तम माना गया है। कलाई में 12, गले में 36 और ह्रदय पर 108 दाने रुद्राक्ष के धारण करने चाहिए।
-हृदय तक लाल धागे में एक दाना भी रुद्राक्ष का धारण कर सकते हैं।
-सोमवार या शिवरात्री के दिन रुद्राक्ष धारण करना सबसे अच्छा माना गया है।
-रुद्राक्ष धारण करने से पहले उसे भगवान शिव को समर्पित करना चाहिए। फिर शिव की विधि विधान पूजा करें।
-रुद्राक्ष धारण करने वाले को सात्विक रहना चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान:
-रुद्राक्ष अपने पैसे से खरीदकर ही पहनें। किसी दूसरे के पैसे से खरीदा गया रुद्राक्ष आपको लाभ नहीं देगा।
-रुद्राक्ष पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से इसे अभिमंत्रित जरूर करा लें।
-रुद्राक्ष को गंदे हाथों से कभी भी स्पर्श न करें वरना यह अपवित्र हो सकता है।
-रुद्राक्ष धारण करने के बाद माँस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
-रुद्राक्ष पहनने से पहले उसे हमेशा तेल से साफ करें।
-जिस मुखी रुद्राक्ष की आपको जरूरत है उसे ही धारण करें।
-रुद्राक्ष धारण करने वालों को नियमित रूप से भगवान शिव की प्रार्थना करनी चाहिए।

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