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समाज में नहीं मिलता है सम्मान, केवल मिल रहा अपयश तो क्या है ज्योतिष समाधान

जीवन है तो इसमें उतार-चढ़ाव तो लगे ही रहते हैं. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से परेशान रहता ही है. सनातन परंपरा और ज्योतिष कहता है कि हमारे जीवन पर ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव पड़ता है और इनकी चाल बदलती है तो हमारे जीवन में कभी सुख आते हैं तो कभी दुख.

ऐसे में अगर आप किसी समस्या से पीड़ित हैं और इसका समाधान नहीं निकल रहा है तो एक बार ज्योतिष का नजरिया अपना कर देखिए. 

हर समय मन में निगेटिव विचार आते हैं ?
चंद्रमा की वजह से मन में निगेटिव विचार आते हैं. कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने से आप परेशान हैं. चांदी में मोती की अंगूठी पहनें. हर सोमवार चावल, चीनी, सफेद कपड़ों का दान करें. हर सोमवार शिवलिंग का जल-अक्षत से अभिषेक करें. 

पर्स में बिल या रसीद रखना सही या गलत ?
पर्स में केवल पैसे रखने चाहिए और कुछ नहीं. पर्स में कभी बिल या रसीद ना रखें

बेटी हमेशा बीमार रहती है क्या करूं ?
काले रेशमी डोर पर ऊँ नमो भगवतो वासुदेवाय नम: मंत्र का जप करते हुए 7 गांठें लगाएं. मंत्र से सिद्ध रेशमी डोरे को बेटी के गले या कमर में बांध दें.

लोगों की सेवा के बावजूद सम्मान नहीं मिलता ?
शनि को न्याय का देवता कहा जाता है उन्हें खुश करिए. हर शनिवार काले कपड़े पहनने से बचिए.

ऊँ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का 108 बार जप करें. 

मंदिर में किस भगवान को कौन सा फूल चढ़ाएं
गणेश भगवान को दुर्वा प्रिय है, तुसली उन पर नहीं चढ़ाते हैं. भगवान शिव को धतूरा, सफेद फूल, कनेर, कुश प्रिय है लेकिन केतकी और केवड़ा नहीं चढ़ाते हैं. भगवान विष्णु को तुलसी, कमल, मौलश्री, जूही, कदंब, केवड़ा प्रिय है.

लेकिन भगवान विष्णु को धतूरा, शिरीष, सहजन, सेमल, कचनार नहीं चढ़ाते हैं. मां भगवती को बेला, सफेद कमल, पलाश और गेंदा पसंद है. उन्हें दूर्वा नहीं चढ़ाते हैं. हनुमान जी को पारिजात, हारश्रृंगार, लाल फूल, गेंदा प्रिय है.