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मकर धनु और कुंभ राशि पर शनि की खतरनाक साढ़ेसाती,जानिए कब और कैसे हटेगी साढ़ेसाती…

धार्मिक खबर

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सभी ग्रहों में शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि किसी एक राशि में ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनिदेव न्याय के देवता हैं, ये व्यक्ति को उनके कर्मों के आधार पर अच्छा या बुरा फल प्रदान करते हैं। इस समय शनिदेव अपनी राशि मकर में ही विराजमान हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मकर और कुंभ राशि शनिदेव की राशि है। शनि के मकर राशि में रहने के कारण मकर, धनु और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती लगी हुई है।
शनि की साढ़ेसाती
जब शनि का गोचर किसी एक राशि में होता है तो शनि उस राशि में ढाई साल तक रहते हैं। ढाई साल के बाद ही शनि का राशि परिवर्तन दूसरी राशि में होता है। ज्योतिष गणना के अनुसार चंद्र राशि से जब शनि 12वें भाव, पहले भाव व द्वितीय भाव से निकलते हैं। उस अवधि को शनि की साढ़े साती कहा जाता है। शनि जिस राशि में गोचर करते हैं तो राशिक्रम के हिसाब से उस राशि के आगे और पीछे वाली राशि पर भी अपना असर डालते हैं। इस तरह से शनि एक राशि पर साढ़े सात साल तक रहते हैं। इस साढ़े सात साल के समय को ही शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। फिर जैसे-जैसे शनि आगे बढ़ते हैं साढ़ेसाती उतरती जाती है
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मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती कब तक?
24 जनवरी 2019 से शनिदेव मकर राशि में हैं। मकर राशि शनि की राशि है। शनि के मकर राशि में विराजमान होने के कारण इस पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती 29 मार्च 2025 तक रहेगी।
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती कब तक?
शनि के मकर राशि में भ्रमण करने की वजह से कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार 3 जून 2027 तक कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती रहेगी।

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धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती कब तक?
शनि के मकर राशि में प्रवेश करने से धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। इसके बाद धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती 12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक रहेगी।