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कौवे से ये चार बातें सभी को जाननी चाहिए क्या पता कब दे जाए आपके अंतकाल का संकेत..

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आचार्य चाणक्य को आज भारत के महान विद्वानों में गिना जाता है. आचार्य चाणक्य ने “चाणक्य नीति” की रचना की. चाणक्य जी के विचार आज हमारे लिए बहुत सार्थक हो सकते है. आचार्य चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति के द्वारा ऐसी ज्ञान की बातें बताई है जो आज हमारे जीवन में पूरी तरह से लागू होती है. जो लोग चाणक्य नीति का अनुसरण करते है उन्हें सुख, शान्ति और सफलता मिलती है.

अगर आपके अंदर सीखने की लगन है तो आप हर छोटी चीज से लेकर बड़े से बड़े अनुभवो से काफी कुछ सीख सकते है. अपने अंदर सीखने की जिज्ञासा पैदा कीजिये और जो भी कुछ नया सीखने को मिलता है सीखिए. आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में कहा है की हर व्यक्ति को कौवे से पांच बातें सीखनी चाहिए जो आज मैं आपके साथ इस आर्टिकल में शेयर कर रहा हूँ.
सभी ओर को दृष्टि घुमाये –
आचार्य चाणक्य कहते है की जिस तरह से कौआ हर समय अपने चारो ओर अपनी दृष्टि जमाये रखता है ठीक उसी तरह हमें भी अपने चारो तरफ हमेशा नजरे बने रखनी चाहिए. कौआ अपनी आँख से चारो तारफ अपनी नजरे बनाये रखता है ताकि कोई उसको नुकसान न पहुँचा दे. इस तरह वह खुद की रक्षा करता है और अपने लिए सही मौके तलाशता है. हम भी यह देखना चाहिए की अभी हमारे हालात कैसे है.

अभी हम अपनी लाइफ की कौन सी स्टेज पर है. हमारे पास क्या – क्या मौके है. इन सब पर हमें अपनी नजर बनाई रखनी चाहिए. कई बार हम अपनी life में ऐसे मुश्किलों पर फंस जाते है जहाँ से निकलना हमें मुश्किल लगने लगता है उस समय हमें उन चीजो को देखना चाहिए जिससे हम उन problems को सोल्व कर सके. इसलिए अपनी दृष्टि को कौवे की तरह रखे और उसे हर तरफ घुमाये.

हमेशा नीडर बने रहे –
कौआ एक ऐसा पक्षी है जो स्वभाव से निडर होता है. वह जहाँ चाहे वहां चले जाता है. अपने भोजन की तलाश में उसे किसी भी तरह का भय नहीं रहता. इसका बड़ा कारण यह होता है की वह खुद को सतर्क रखता है. इसलिए उसका खुद पर भरोसा ही उसे निडर बनाता है. हमें कौवे से यह सीखना चहिये की हम आखिर नीडर कैसे रहे.

कौवे की तरह अगर हम भी खुद को सतर्क कर ले और खुद को मजबूत बना ले तो हमें भी किसी चीज का डर नहीं होगा. अगर आप अन्दर से मजबूत बन जाओगे तो आपको कोई भी बाहरी शक्ति नुकसान नहीं पहुँचा सकती. इसलिए खुद को मजबूत बनाये और हमेशा नीडर रहे.

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उपयोगी वस्तुओ को इकट्टा करे –

कौआ अपने लिए हमेशा उपयोगी वस्तुओ का संचय करता रहता है. उसे जो भी बहुमूल्य वस्तु या चीज मिलती है उसे वह इकट्ठा कर देता है जिसका उपयोग वह अपने कठिन समय में करता है. कई बार देखने को मिलता है जब कौआ रोटी के टुकड़ो को उठा कर ले जाता है और उन्हें किसी सुनसान जगह पर संभाल देता है. जब उसे कई बार भोजन नहीं मिलता तब वह उस रोटी का use अपना पेट भरने के लिए करता है.

मनुष्य को भी अपनी बहुमूल्य वस्तुओ को इकट्ठा करना चाहिए. वस्तु इकट्ठा हो जाने के बाद उनकी देखभाल भी जरुरी हो जाती है. जिस व्यक्ति ने अपने सामान की सही देखभाल कर ली वह व्यक्ति उनसे अधिक खुशहाल होता है जो वस्तु की Safety करने के बजाय नए वस्तु खरीदते रहते है. इसलिए कौवे से यह सीख ले और अपनी उपयोगी वस्तुओ का संभल कर संचय करते रहे. आपका Collect किया हुआ सामान ही आपकी असली पूंजी होती है.

अपनी पत्नी के साथ एकांत में समय बिताये –
आचार्य चाणक्य कहते है की जिस तरह से कौवा एकांत पसंद करता है ठीक उसी तरह से मनुष्य को अपनी पत्नी या साथी के साथ एकांत में बहुमूल्य समय बिताना चाहिए. एकांत में जब आप किसी के लिए अपना समय निकालते हो तो इससे आपकी दूसरो के लिए Value बढ़ जाती है. हर व्यक्ति यही चाहता है की जब हम किसी के लिए अपना समय निकालते है तो दूसरा व्यक्ति भी हमारे लिए अपना समय निकाले.

इससे हमारे आपसी सम्बन्ध घनिष्ठ हो जाते है और रिश्तो में मिठास बढ़ जाती है. आज अधिकतर लोगो की यही problem है की वह अपने परिवार या पार्टनर के लिए समय नहीं निकाल पाते. अचानक फिर ऐसा भी समय आता है जब वह परिवार, वह पार्टनर हमारे साथ नहीं होता या वे बदल जाते है. यह सब हमारे time न देने पाने के कारण ही होता है. इसलिए कौवे की यह बात हमें अपने जीवन में उतारनी चाहिए और अपने रिश्तो को मजबूत बनाना चाहिए.

दूसरो पर आसानी से विश्वास न करे –
दूसरो पर आसानी से विश्वास न करे.. यह बात आपने पहले भी सुनी होगी but हम लोग ऐसी बातो को सुनकर अक्सर भूल जाते है. जिसका बुरा परिणाम हमें कई बार भुगतना पड़ता है. हम अपने लिए नए दोस्त और रिश्ते ढूंढते रहते है और उनमे धोखा खा जाते है. कौवा कभी भी किसी पर सीधे विश्वास नहीं करता. वह विश्वास करता है तो सिर्फ खुद पर. उसे पता है की उसकी क्षमता का कोई दूसरा अपने निजी फायदे के लिए use कर सकता है. इसलिए वह कसी अन्य पर विश्वास नहीं करता.

हमें भी अपनी ज़िन्दगी में कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति पर आँखमुदकर विश्वास करने से बचना चहिये. भरोसा उसी व्यक्ति पर करे जिसे आप बहुत अच्छी तरह से जानते और पहचानते हो. थोड़े समय के लिए कोई भी व्यक्ति आपको भरोसा दिलाने वाला नाटक कर सकता है. but long time में ऐसा संभव नहीं. इसलिए अपने मित्रो को, रिश्तेदारों को, संबंधो को या किस अन्य चीज पर भरोसा करने से पहले अच्छी तरह सोच ले और आसानी से belive न करे.

In This Article ! मैंने आपको यहाँ चाणक्य नीति में बताई गई आचार्य चाणक्य द्वारा कौवे से पांच बातें सीखने चाहिए पोस्ट शेयर की. Friends ! मेरा ऐसा मानना है की हमें जब भी कुछ सीखने को मिलता है तो हमें सीखना चाहिए. अगर एक नजरिये से देखे तो कौवे से हम भला क्या सीखेंगे. कौवे की लाइफ अलग है और हमारी अलग. पर यही diffrence है Friends.. हममे और जो एक सफल व्यक्ति होता है उसमे.

एक सफल व्यक्ति हर हालात से सीखता है और यही सीखने की आदत उन्हें सफल बना देती है. इसलिए आप भी खुद को update रखे और हर समय सीखने पर जोर दे. सीखोगे तो लाइफ में बदलाव आता रहेगा.