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जानें कब है फाल्गुन महीने की अमावस्या, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्त्व

धार्मिक खबर

हर महीने में अमावस्या तिथि एक बार पड़ती है और पूरे साल में 12 अमावस्या तिथियां होती हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार अमावस्या का बहुत अधिक महत्त्व है। देवताओं ही नहीं बल्कि पितरों की मुक्ति के लिए भी अमावस्या तिथि बहुत ज्यादा मायने रखती है। जिस प्रकार हर एक माह की अमावस्या तिथि को अलग नामों से जाना जाता है और उनका अलग महत्त्व होता है, उसी तरह फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या कहते हैं। सुख, संपत्ति और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए यह अमावस्या तिथि विशेष फलदायी मानी जाती है। आइए जानें इस अमावस्या तिथि का जीवन में क्या महत्त्व है और इस साल कब है फाल्गुन मास की अमावस्या।

जीवन में सुख और समृद्धि के लिए फाल्गुन अमावस्या का व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण व श्राद्ध भी किया जाता है। इस साल फाल्गुन अमावस्या 13 मार्च 2021, शनिवार के दिन पड़ रही है। हिंदी पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को फाल्गुन अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से अमावस्या तिथि को भी बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।

फाल्गुन अमावस्या का शुभ मुहूर्त

अयोध्या के जाने माने पंडित राधे शरण शास्त्री जी के अनुसार फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या 13 मार्च 2021, शनिवार को पड़ रही है।

  • अमावस्या तिथि आरंभ- 12 मार्च 2021 दिन शुक्रवार दोपहर 03 बजकर 04 मिनट से
  • अमावस्या तिथि समाप्त- 13 मार्च दिन शनिवार दोपहर 03 बजकर 52 मिनट तक
  • उदया तिथि में अमावस्या तिथि 13 मार्च को है। इसलिए इसी दिन इस तिथि के अनुसार स्नान व् ध्यान करना लाभकारी होगा।

अमावस्या तिथि में किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि नदी में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। यदि आप नदी में स्नान करने में असमर्थ हैं तब भी स्नान के बाद गंगा जल छिड़क लें। ऐसा करने से शरीर की शुद्धि होती है।

फाल्गुन अमावस्या का महत्त्व

इस दिन स्नान- ध्यान करने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है और यह भी मान्यता है कि पितरों को तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है। इस दिन पूरे श्रद्धा भाव से पितरों के नाम का दीपक जलाकर नदी में प्रवाहित करें और पापों से मुक्ति की प्रार्थना करें।

  • प्रातः जल्दी उठें और किसी पवित्र नदी से स्नान करें। इस दिन संगम में स्नान करना भी लाभकारी होता है।
  • फाल्गुन अमावस्या के दिन गरीबों को दान-पुण्य करने से शुभ लाभ की प्राप्ति होती है।
  • पीपल के पेड़ के पास सरसों तेल का दीया जलाएं और पितरों के नाम का दिया जलाकर घर से बाहर रखें।
  • घर के पूजा स्थान में सभी देवताओं को स्नान करें और फल, फूल व नैवेद्य अर्पित करें।

उपर्युक्त विधानों से अमावस्या तिथि में पूजन करना अत्यंत लाभकारी होता है और सभी पापों से मुक्ति दिलाता है।

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