Categories
धर्म

शनि पूजन के दौरान कभी ना करें ये गलतियां…. बन सकते हैं उनकी वक्र दृष्टि के शिकार

धार्मिक खबर

शनि देव
शनि देव को न्याय का देवता यूं ही नहीं कहा जाता…. ये एक ऐसे ग्रह हैं जो केवल कर्म के आधार पर ही व्यक्ति को पुरस्कृत भी करते हैं और उसे दंड भी देते हैं। वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत शनिदेव एक बेहद महत्वपूर्ण ग्रह हैं जिन्हें दुख, आयु, रोग, पीड़ा, कर्मचारी और सेवा का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रह माना गया है। मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनि, अपनी दशा में समस्त 12 राशियों के जातकों के जीवन में उथल-पुथल मचा देते हैं। कर्म के आधार पर दंड देने की वजह से शनि देव के लिए आमतौर पर नकारात्मक धारणा ही बनी हुई है….जिसके चलते इनका नाम लेते ही लोग भयभीत हो जाते हैं और इन्हें प्रसन्न रखने के लिए निरंतर उपाय करते रहते हैं।
सात्विक विचारधारा
माना जाता है सात्विक विचारधारा वाले लोगों को, जो अपने जीवन को नियमानुसार चलाते हैं… जो नेकी के मार्ग पर चलते हैं उनसे शनि देव प्रसन्न रहते हैं.. वे उन्हें दंड नहीं देते। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न कर्मकांड करने, पूजन आराधना करने का विधान भी हैं… लेकिन अगर उनकी पूजा में जरा सी भी चूक हुई… जरा सी भी लापरवाही हुई तो वे निश्चित रूप से जातक को उनके क्रोध का शिकार होना पड़ सकता है। इसलिए शनि पूजन के दौरान कुछ विशेष सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए, जिनके विषय में हम आपको बताने जा रहे हैं।


पश्चिम की ओर रखें मुख
सनातन मान्यताओं के अंअर्गत ईश्वर की पूजा पूर्व मुखी होकर की जानी चाहिए परंतु जब शनिदेव के पूजन की बात आती है तब मुख हमेशा पश्चिम दिशा की ओर ही होना चाहिए। दरअसल शनि देव को पश्चिम दिशा का स्वामी माना गया है…इसलिए इनके पूजन के लिए पश्चिम दिशा की ओर मुख ही रखना चाहिए।
साफ-सफाई का रखें ध्यान
शनिदेव गंदगी बिल्कुल पसंद नहीं करते… उनकी पूजा कभी भी गंदे वस्त्र पहनकर या गंदगी के माहौल में नहीं की जानी चाहिए, अन्यथा आप शनि देव के कोप के भागी बन सकते हैं।
न करें तांबे के बर्तन का प्रयोग
दरअसल तांबे का संबंध सूर्यदेव से है लेकिन सूर्यपुत्र होने के बावजूद शनि और सूर्य परम शत्रु हैं। शनि देव की पूजा में कभी भी तांबे के बर्तन का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए…अन्यथा आप शनि देव की नाराजगी के शिकार हो सकते हैं। शनि पूजन में केवल लोहे के बर्तन ही प्रयोग करने चाहिए।

: शनि देव की आंखों में ना देखें
शनि देव की पूजा करते हुए ना तो उनकी प्रतिमा के ठीक सामने खड़े होना चाहिए और ना ही उनकी आंखों में देखना चाहिए। प्रार्थना करते समय आपको इन दोनों ही बातों का ध्यान रखना चाहिए अन्यथा आप उनकी वक्र दृष्टि के शिकार हो सकते हैं।


वस्र के रंग का रखें ध्यान
शनि की पूजा करते हुए आपको अपने वस्त्रों के रंग का भी ध्यान रखना चाहिए… पूजा में हमेशा काले या गहरे नीले रंग के वस्त्र ही धारण करें। लाल, गुलाबी आदि जैसे रंगों से आपको परहेज ही रखना चाहिए।

शनि देव को लगाएं ऐसा भोग
अगर आप शनिदेव को शांत और प्रसन्न रखना चाहते हैं तो आपको उन्हें केवल काले तिल और खिचड़ी का ही भोग लगाना चाहिए… इसके अलावा उन्हें कुछ और पसंद नहीं आता।