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चाणक्य नीति

चाणक्य नीति::औरतों के इन दुष्कर्मों का पाप उसका पति भोगता है😱…..

चाणक्य नीति

उत्तमऔषधालय के प्रांगण में कार्तिक मास की कथा करते हुए स्वामी चेतन देव ने कहा कि प|ी पति के सुख-दुख की भागीदारी होती है। पतिव्रता स्त्री अपने पति के दुख में दुखी और सुख में सुखी रहती है। पति के प्रदेश जाने पर विरह वेदना का दुख सहन करती है, और पति के मर जाने पर साथ ही सती हो जाती है। इसलिए प|ी अर्धांगिणी कहलाती है।

पं. चेतन देव ने कहा कि जो महिला श्मशान भूमि तक जितने पद चलती है, उसका एक एक कदम एक एक यज्ञ के पुण्य का फल प्राप्त करता है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार पतिव्रता स्त्री द्वारा अपने पति के साथ सती हो जाने को परम धर्म माना गया है। स्त्री सती हो जाने का अर्थ यह नहीं है कि स्त्री का पति के साथ अग्नि में जल जाना। सती का भाव अर्थात् यह है कि प|ी सदैव पति के चरणों का ध्यान करे। इससे पूर्व वैद्य देवेंद्र बत्तरा ने अपनी धर्म प|ी दर्शना बत्तरा के साथ हवनकुंड में आहुति डाली और परिक्रमा की। इस अवसर पर वैद्य देवेंद्र बत्तरा, दर्शना बत्तरा, यश बत्तरा, राजेंद्र मोहन शर्मा, भारत भूषण, बीना मलिक, सोनू मलिक रामलाल ग्रोवर सहित अन्य मौजूद रहे।

भक्ति करने से सब कष्ट दूर: चेतन : करनाल | औषधालयके प्रागंण में चल रही कार्तिक मास की कथा में पंडित चेतन देव ने उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि परमात्मा अपने भक्तों कृपा करके उनके कष्ट अपने ऊपर ले लेते है। दैत्यराज जलंधर की कथा का दृष्टांत देते हुए पंडि़त ने श्रृद्धालुओं को बताया कि जलंधर की प|ी वृंदा ने स्वप्न देखा उसका पति सारे शरीर में तेल लगा कर शरीर भैंसे पर सवार हो कर दक्षिण दिशा की ओर जा रहे हैं।

श्री शिव चित्रगुप्त सदर बाजार में कार्तिक कथा से निहाल करते हुए स्वामी युगल किशोर गिरी महाराज ने कहा कि कार्तिक मास में किया हुआ सतकर्म मोक्ष को दिलाने में सहयोग करता है। प्रकृति और प्रकृति के कार्य संसार में बढ़ना-घटना आदि जो भी परिवर्तन है,वह स्वाभाविक परिवर्तन है। प्राणी जो भी नया कर्म करता है, वह भी नया परिवर्तन है और स्वभाविक परिवर्तन निरंतर जीवन में होता रहता है। यह परिवर्तन मनुष्य, देवता, भूतप्रेत, जीव जन्तु और समुद्र पहाड़ों में भी होता रहता है। इसी को स्वभाविक परिवर्तन प्रकृति में कहा गया है। मनुष्य शरीर जन्मता है, बचपन से ही युवा होता है युवा से वृद्ध होता है और को प्राप्त हो जाता है। इस