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यहां देवी मां खुद करती हैं अग्नि स्नान, सब कुछ हो जाता खाक, बचती बस एक चुनरी

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उदयपुर: क्या आपने कभी किसी देवी की प्रतिमा को अग्नि स्नान करते हुए देखा है, यह सुनने में किसी मैथोलॉजिकल फिल्म की कहानी सा लगता है लेकिन यह सत्य है.

उदयपुर जिले के ईडाणा गांव में ईडाणा माताजी की विशाल प्राक्रतिक प्रतिमा नवरात्र में स्वयं अग्नि स्नान अवश्य करती है. मां ईडाणा जब भी प्रसन्न होती हैं तो अग्नि स्नान के अलौकिक दर्शन देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर देती हैं. जो भी भक्त इस दृश्य के दर्शन कर लेता है, वह अपने आप को धन्य समझता है.

लेकसिटी उदयपुर से 70 किमी की दूरी पर ईडाणा गांव में स्थित हजारों वर्ष प्राचीन देवी मां के प्रसिद्ध शक्ति पीठ ईडाणा माताजी के अलौकिक और आश्चर्यजनक अग्नि स्नान की बस एक झलक पाने की ललक मन में लिए पहुंचते हैं. महाभारत काल से यह मंदिर यहां स्थापित माना जाता है और इस मंदिर की देवी ईडाणा माता को स्थानीय राजा रजवाड़े अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते आये हैं. माता के इस मंदिर में श्रद्धालु चढ़ावे में लच्छा चुनरी और त्रिशूल लाते हैं, वहीं, मंदिर में कोई पुजारी नहीं है. यहां सभी देवी मां के सेवक हैं. यहां सभी धर्मों के लोग आते हैं और जो भी आता है, वहीं, देवी मां का सेवक बन जाता है. 

मंदिर में लकवे का इलाज भी होता 
माता के मंदिर में लकवे का इलाज भी होता है. जो भी लकवा ग्रस्त यहां आता है, कुछ ही दिनों में खुद अपने पांव चल कर स्वस्थ होकर जाता है. जब भी माता के ऊपर लच्छे आदि का भर बढ़ जाता है, मां खुद अग्नि स्नान कर लेती हैं लेकिन इस चमत्कार के साथ भक्तों को एक चमत्कार और देखने को मिलता है. अग्नि स्नान के बाद जब सभी कुछ जल जाता है लेकिन माता ईडाणा माता के ऊपर एक चुनरी बच जाती है, ये माता के चमत्कार का साक्षात चमत्कार है.

यह चमत्कार वाकई अद्भुत और अलौकिक 
देवी ईडाणा मां का यह मंदिर अलौकिक अग्नि स्नान के लिए पूरे देश में प्रसिद्धि पा चुका है. देवी मां का यह अग्नि स्नान इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यहां जब भी देवी मां प्रसन्न होती हैं तो स्वतः ही आग की लपते उठने लगती हैं. मां का यह चमत्कार वाकई अद्भुत और अलौकिक है. इस मंदिर में भक्तों द्वारा मां को मुर्गे भी भेंट किये जाते हैं लेकिन यहां किसी जानवर की बलि नहीं चढ़ाई जाती है. मंदिर का समस्त चढ़ावा राज्य सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा गठित ट्रस्ट को जाता है. यहां गुजरात, दिल्ली, मध्यप्रदेश, और अन्य प्रान्तों से हजारो श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और सभी की यह ख्वाहिश होती है कि वे देवी ईडाणा माता को अग्नि स्नान करते हुए दर्शन करें.

देवी ईडाणा माता का अग्नि स्नान इस बात का प्रमाण है कि ईश्वर और उसकी उपस्थित पूरे ब्रह्माण्ड में व्याप्त है और मां दुर्गा जब क्रोधित होती हैं तो उसका विकराल रूप देखने को मिलता है लेकिन जब यही देवी प्रसन्न होती हैं तो अग्नि स्नान जैसे अनोखे अलौकिक स्वरुप भी अपने भक्तों को दिखाती है.