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भाग्य नहीं दे रहा साथ तो प्रातः काल करें इस मंत्र का जाप, दुर्भाग्य से मिलेगी मुक्ति

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में नव ग्रह से संबंधित दोष होते हैं, वो चाहे जितना प्रभु पूजन कर लें, फिर भी उन्हें भगवान की कृपा नहीं मिल पाती। इसकी वजह से उनको प्रत्येक कार्य में असफलता का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं इसके कारण भाग्य भी उनका साथ छोड़ देता है, जिसके कारण व्यक्ति के जीवन मे अशांति बनी रहती है।


इन दोषों से बचाव के लिए ज्योतिष में बहुत से उपाय बताए गए हैं, जिन्हे अपनाने से दुर्भाग्य को दूर किया जा सकता है। आमतौर पर अधिकतर उपाय या पूजा-पाठ नहाने के बाद ही किए जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे शुभ काम भी हैं जो बिना नहाए ही किए जा सकते हैं। 


यहां जानें ये शुभ काम
सुबह जागते ही करें इस मंत्र का जाप
स्त्री-पुरुष दोनों रोज सुबह जागते ही इस मंत्र का जाप अवश्य करें।


मंत्र-
ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनि राहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे ममसुप्रभातम्॥


इस मंत्र का जाप करने से सभी देवी-देवता और नौ ग्रहों की कृपा मिलती है। इस मंत्र का अर्थ यह है कि ब्रह्मा, विष्णु, शिव, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु ये सभी मेरे प्रातःकाल यानी सुबह को मंगलमय बनाएं। ये शुभ काम सुबह जागते ही करने से दुर्भाग्य से मुक्ति मिल सकती है।


हथेलियां देखें
हमारे हाथों के अग्रभाग में देवी लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और हाथ के मूलभाग में भगवान विष्णु का वास है। इसलिए सुबह जागते ही अपनी दोनों हथेलियों को देखकर मंत्र का पाठ करना चाहिए।


कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविंद: प्रभाते करदर्शनम्॥


ब्रह्म मुहूर्त में छोड़ दें बिस्तर
शास्त्रों के अनुसार व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्य से पहले ही बिस्तर छोड़ देना चाहिए। जो व्यक्ति सुबह देर तक सोता है, उसकी बुद्धि कम होती है और दुर्भाग्य बढ़ता है।