Categories
धार्मिक

मन चाहा वर प्राप्त करने के लिए करें नित्य इन चौपाई का पाठ

माता सीता ने अपने प्रिय प्रभु श्री राम को प्राप्त करने के लिए माँ गौरी की आराधना करी थी। राम चरित मानस में तुलसीदास जी ने माता गौरी की स्तुति का चौपाई के रूप में वर्णन किया है यदि कोई कन्या इन चौपाई का नित्य पाठ करती है तो निश्चित रूप से उसको मनचाहा वर प्राप्त होगा।

सोमवार और शुक्रवार स्नान के बाद इस स्तुति को पढ़कर कुंवारी कन्याएं पाएं मां गौरी का वरदान :

जय जय गिरिराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी॥

जय गजबदन षडानन माता। जगत जननि दामिनी दुति गाता॥

देवी पूजि पद कमल तुम्हारे। सुर नर मुनि सब होहिं सुखारे॥

मोर मनोरथ जानहु नीकें। बसहु सदा उर पुर सबही के॥

कीन्हेऊं प्रगट न कारन तेहिं। अस कहि चरन गहे बैदेहीं॥

बिनय प्रेम बस भई भवानी। खसी माल मुरति मुसुकानि॥

सादर सियं प्रसादु सर धरेऊ। बोली गौरी हरषु हियं भरेऊ॥

सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी॥

नारद बचन सदा सूचि साचा। सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा॥

मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सांवरो। करुना निधान सुजान सीलु सनेहु जानत रावरो॥

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हियं हरषीं अली।तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि मुदित मन मंदिर चली॥