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प्रश्न : स्वप्न में सर्प दर्शन का क्या महत्व है ?

सबसे पहली बात तो सभी स्वप्न सत्य नहीं होते और सबका विचार भी नहीं होता है।यह शास्त्रों में बताया गया है कि स्वप्न 7 प्रकार के होते हैदृष्ट – माने जो कुछ भी आप ने दिन में देखा या सुना या जिन चीजों की कामना आप के मन में आई या कल्पना की आप ने वही आप को रात में दिखाई दे सकता है सपने में तो इन सब बातों का कोई विचार नहीं करना चाहिए।
अगर कोई चीज का विचार आप ने नहीं किया वो सपने में आती है तो उसका विचार किया जाता है उसमें भी यह है रात्रि के अंतिम पहर जिसमे सूर्य उदय होने वाला हो और फिर उसके बाद आप न सोंये तभी सपने के बारे में विचार करने की आवश्यकता होती है। अगर सपने को देखने के बाद आप ने किसी को बता भी दिया है तब भी उस सपने का कोई महत्व नहीं रह जाता है केवल किसी जानकार व्यक्ति से स्वप्न की जानकारी ली जा सकती है बाकी किसी को स्वप्न बताना नहीं चाहिए और कश्यप गोत्र के व्यक्ति को तो बिल्कुल नहीं बताना चाहिए उससे स्वप्न देखने वाले व्यक्ति को हानि होती है।

बार बार सपने दिखने का अर्थ
अबाप कहते हैं कि आप को सपने बार बार दिखते हैं इसका अर्थ है कि आप उसी बारे में सोचते रहते हैं इश्लिये उस स्वप्न के बारे में ज्यादा विचार नहीं करना चाहिए।
अब आप पूछते हैं कि सपने में सर्प देखने का क्या फल होता है तो सपने में सांप देखने का कोई ऐसा विशेष फल नहीं बताया गया है पर यदि सर्प काट ले सपने में तो ब्रह्मवैवर्त पुराण के 77वे अध्याय के श्री कृष्ण जन्म खण्ड है उसमे स्वप्न अध्याय है उसमें स्वप्न के बारे में विचार बताये गए हैं वहाँ बताया गया है कि सपने में यदि सर्प आप को काट ले तो आप धन धान्य का लाभ हो सकता है लेकिन यदि काटता नहीं है सिर्फ दिखता है और वह सर्प यदि सफेद रंग का है तो शुभ फल होता है और सर्प का रंग काला होता है तो पुराण में कहा गया है गाय हाथी घोड़ा ब्राह्मण देव इनको छोड़ कर बाकी सभी काली चीजे अशुभ फल प्रदान करने वाली है।