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चाणक्य नीति::इस तरह की स्त्रियों पर कभी मत करे विश्वास नहीं हो जाएंगे कंगाल…

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: दुष्ट स्वभाव की स्त्रियां
चाणक्य के अनुसार दुष्ट स्वाभाव वाली स्त्री से हमेशा दूर रहना चाहिए। ऐसी स्त्री अपने स्वार्थ के लिए समय आने पर आपको अपमानित करने का साथ ही अहित करने से भी पीछे नहीं हटती है। ऐसी स्त्री आपका सर्वनाश कर सकती है। इसलिए कभी भी ऐसी स्त्री के साथ नहीं रहना चाहिए। अन्यथा आपको शारीरिक हानि के साथ मान-सम्मान की हानि भी झेलनी पड़ती है।

: कुसंस्कारी स्त्री
चाणक्य के अनुसार जो स्त्री संस्कारी ना हो उससे सदैव दूरी बनाकर रखनी चाहिए। तन की सुंदरता तो कुछ समय की होती है परंतु मन की संदुरता जीवन पर्यंत बनी रहती है। इसलिए यदि कोई स्त्री तन से सुंदर नहीं परंतु वह सुशील और संस्कारी है तो ऐसी स्त्री के साथ संबंध रखने में व्यक्ति सदैव अपने जीवन में मान-सम्मान प्राप्त करता है परंतु कुसंस्कारी स्त्री के साथ किसी भी प्रकार से संबंध रखने से आपको मानहानि का सामना करना पड़ता है।

चरित्रहीन स्त्री
जो स्त्री एक से अधिक पुरूषों से संबंध रखती हो या जिसे समाज में वैश्या माना जाता है, ऐसी स्त्री से हमेशा दूर रहने में ही भलाई है। ऐसी स्त्री के घर का भोजन करना भी पाप की श्रेणी में आता है। धुम्रपान और मदिरापान करने और बुरे कर्म में लिप्त स्त्री बहुत दूर रहना चाहिए। ऐसी स्त्री के कारण आपको समाज नें मानहानि का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। इसलिए ऐसी स्त्री को देखते ही वहां से हट जाना चाहिए, अन्यथा आपको कोर्ट-कचहरी के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं।
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: स्वार्थी और लालची स्त्री
जो स्त्री स्वार्थी हो और जिसके मन में लालच भरा हो उससे हमेशा दूर रहने में ही आपकी भलाई है। ऐसी स्त्री अपने लालच और स्वार्थ के कारण आपसे जुड़ती हैं और अपने मतलब पूरा होने के बाद आपको छोड़कर चली जाती हैं। यदि व्यक्ति ऐसी महिला से संबंध रखता है तो वह उसे पतन की ओर ले जाती है।
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