Categories
News

भू’त औ’र भवि’ष्य ब’ता सक’ती है आ’पकी मा’थे की रेखा’एं, आं’गे क्या हो’ने वा’ला है पह’ले से प’ता.. जानि’ए कै’से क’रें…

धार्मिक खबर

केव’ल हा’थों की रेखा’एं ही व्य’क्ति के जी’वन का संके’त न’हीं दे’ती ब’ल्कि मा’थे की रेखा’ओं से भी भवि’ष्य के बहु’त से सं’केत मिल’ते हैं। हा’थों की त’रह ही मा’थे की रे’खाएं भी भू’त, भ’विष्य औ’र वर्त’मान के बा’रे में ब’ताती हैं। हा’लांकि मा’थे की इ’न रेखा’ओं का सटी’क विश्लेष’ण बे’हद ज’रुरी है। मा’थे की रेखा’एं भी व्य’क्ति के जी’वन के बा’रे में ब’हुत कु’छ बता’ती हैं। मा’थे की इ’न रेखा’ओं से व्य’क्ति के भू’त, वर्त’मान औ’र भ’विष्य के बा’रे में जान’कारी प्रा’प्त की जा सक’ती है। इस’के लि’ए ज’रुरी है कि व्य’क्ति के मस्ति’ष्क की स्थि’ति, उस’के आका’र-प्र’कार, रं’ग औ’र रेखा’ओं के बा’रे में अ’च्छी तर’ह से अध्यय’न जरु’री है। जा’निए मस्त’क प’र मौ’जूद रे’खा औ’र उ’नसे मिल’ने वा’ले सं’केतों के बा’रे में। 

श’नि रे’खा-श’नि रे’खा मा’थे में स’बसे ऊप’र हो’ता है। य’ह रे’खा अ’धिक लं’बी न’हीं हो’ती औ’र मा’थे के म’ध्य भा’ग में ही दि’खाई दे’ती है। स’मुद्र लक्ष’ण विज्ञा’न के अनुसा’र इ’स रे’खा के आस’पास का हि’स्सा भी श’नि ग्र’ह से प्रभा’वित मा’ना जा’ता है।

गु’रु रे’खा: श’नि रे’खा के थो’ड़ा सा नी’चे मा’थे प’र गु’रु रे’खा हो’ता है। य’ह रे’खा श’नि रे’खा से थो’ड़ी लं’बी हो’ती है। य’ह रे’खा पढ़ा’ई, आध्या’त्म औ’र इति’हास के बा’रे में महत्वाकां’क्षा का सूच’क हो’ती है। जि’न लो’गों के मा’थे प’र गु’रु रे’खा सा’फ औ’र लं’बी हो व’ह आत्मवि’श्वासी औ’र अप’नी बा’तों प’र दृ’ढ़ हो’ता है।