Categories
News

यहॉ लड़कियों को ब’लात्का’र से बचानें के लियें बचपन में प्राइवेट पा’र्ट को………😱

खबरें

लड़कियां अ’क्सर प्र’थाओं के नाम पर कुप्र’थाओं की भेट चढ़ा दी जाती हैं। ऐसी ही एक अ’जीबो-ग’रीब प्र’था सामने आई। ये ख़बर देखने और सुनने में ही दि’ल दह’ला देने वाली है। खबर है कि ल’ड़कियों का ब’लात्का’र होने से बचाने के लिए अफ्रीका में एक द’र्दनाक प्र’था का चलन है। वहां के लोगों का मानना है कि प्र’था का पालन करने से लड़कियों का रे’प नहीं हो सकता और वो शादी से पहले ग’र्भवती नहीं होंगी। साथ ही कोई भी पुरुष ल’ड़कियों पर बुरी नज़र नहीं डा’लेगा और वो सु’रक्षित रहती हैं।

अफ्रीका के कई देशों जैसे साउथ अफ्रीका, कै’मरून और ना’इजीरि’या जैसी जगहों पर ल’ड़कियों को रे’प से बचने के लिए उन्हें अ’सहनीय पी’ड़ा और द’र्द से गुजरना होता है। इस अनोखी प्रथा का नाम है ‘ब्रे’स्ट आ’यरनिंग’, जिसमें कि’शोराव’स्था के शुरू होते ही ल’ड़कियों के ब्रे’स्ट को ग’र्म लकड़ी के टुक’ड़ों से दा’गा जाता है, ताकि वे बढ़ न सकें और स’पाट रहें।

ब्रे’स्ट आ’यरनिं’ग’ प्रथा में किशो’राव’स्था में ही लड़कियों के स्त’न विकसित होने की प्रक्रिया को रोक दिया जाता है। लड़कियों के स्त’नों को बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें गर्म लो’हे की छड़ों या गर्म पत्थर से दा’ग दिया जाता है, ताकि वो च’पटे हो जाएं और बढ़ें नहीं। 10 साल से कम उम्र की कई लड़कियां भी हर रोज़ इस प्रथा का शि’कार होती हैं। आपको जानकर बेहद है’रानी होगी कि लड़कियों की ‘ब्रे’स्ट आ’यरनिं’ग’ कोई और नहीं बल्कि खुद लड़की की मां ही करती है।

‘ब्रे’स्ट आ’यरनिंग’ के कारण महिलाओं को मा’नसिक एवं शा’रीरिक क’ष्टों का सामना करना पड़ता है। इनके स्त’नों में दर्द होता है। चिकित्सकों का कहना है कि शरीर के संवदेनशील अंगों को इस तरह से दबाने से इन महिलाओं को कैं’सर का खत’रा हो सकता है।