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इ’स ल’ड़के ने स’ब्जी औ’र फ’लों से जला’या ब’ल्ब, स’ब्जियों से ही चा’र्ज हो र’हा मोबा’इल, दे’खें अ’द्भुत त’स्वीरें…

हिंदी खबर

रां’ची. फल औ’र स’ब्जी को अ’क्सर ह’म खा’ने में उप’योग क’रते हैं। इन’के अला’वा उन’का दू’सरो को’ई औ’र यू’ज न’हीं हो’ता है। ले’किन झा’रखंड के छा’त्र ने इ’न फ’ल-स’ब्जी को लेक’र ऐ’सा क’माल क’र दिखा’या है, जि’स प’र य’कीन कर’ना मुश्कि’ल ल’ग र’हा है। अ’ब आ’प घ’र बै’ठे-बै’ठे सब्जि’यों फ’लों से इलेक्ट्रिक एन’र्जी भी जन’रेट क’र स’कते हैं औ’र ब’ल्ब ज’लाने के अ’लावा मोबा’इल फो’न चा’र्ज क’र स’कते हैं।

रो’बिन का क’हना है कि अग’र कि’सी को गा’जर से बि’जली उत्पाद’न कर’ना है तो व’ह 14 पी’स गा’जर ली’जिए। इ’न गा’जर  को कॉ’पर औ’र जिं’क के प्ले’ट के सा’थ तां’बे के ता’र से जो’ड़ दी’जिए। ऐ’सा क’रने से  य’ह गाज’र ए’क बैट’री के रू’प में ब’दल जा’एगी, जि’समें से 5 वो’ल्ट की बिज’ली मि’ल जाए’गी। इ’स त’रह आ’प 3 वो’ल्ट की एल’ईडी ला’इट ज’ला स’कते हैं। इत’ना ही न’हीं आ’प मोबा’इल चा’र्ज क’रना चा’हते हैं तो क’र स’कते हैं।

रोबि’न का क’हना है कि स’ब्जी औ’र फ’लों में मि’लने वा’ले र’सायन औ’र भौ’तिक वि’ज्ञान के मि’श्रण के बदौ’लत इ’नसे बि’जली उत्पा’दन कि’या जा स’कता है। इ’नके अं’दर ऐ’से  एन’र्जी वा’ले गु’ण हो’ते हैं जि’नका उप’योग आ’प  इ’लेक्ट्रिक यू’ज क’र सक’ते हैं।

फिल’हाल रो’बिन अ’भी बि’हार के दरभं’गा में अ’भी 11वीं की प’ढ़ाई क’र र’हा है। व’ह आ’गे चल’कर सा’इंटिस्ट बन’ना चा’हता है। इ’सके लि’ए व’ह बच’पन से ही वैज्ञा’निक प्रयो’ग क’रता र’हता है। व’ह पू’र्व राष्ट्रप’ति डॉ अ’ब्दुल क’लाम को अ’पना आ’दर्श मा’नता है। ब’ड़ा हो’कर उ’न्हीं की त’रह दे’श औ’र दुनि’या के बेह’तरी के लि’ए कु’छ कर’ना चा’हता है।

ब’ता दें कि रो’बिन सा’हनी बे’हद ग’रीब परिवा’र से आ’ता है, जो अप’ने मा’ता-पि’ता के सा’थ ए’क छो’टी सी क’च्ची झोप’ड़ी में रह’ता है। उस’के घ’र में मा’ता-पि’ता के अला’वा चा’र भा’ई-ब’हन हैं। मां-बा’प दो’नी ही मज’दूरी क’रके परि’वार का पा’लन पो’षण क’रते हैं। ले’किन रो’बिन के इ’स कारना’मे के बा’द से उ’सके घ’र लो’गों की भी’ड़ ज’मा हो र’ही है।

रो’बिन के इ’स कार’नामे को दे’खने के लि’ए दू’र-दू’र से लो’ग आ र’हे हैं। को’ई ब’ल्ब जल’वाकर देख’ता है तो को’ई अप’ना मोबा’इल च’र्ज क’रने ल’गता है। आस’पास के लो’ग उस’की वैज्ञा’निक जादू’गरी के दी’वाने हो ग’ए हैं। 

रो’बिन के मा’ता-पि’ता चाह’ती है कि सर’कार उ’सके बे’टे की म’दद क’रें। स्कू’ल के शि’क्षक भी रोबि’न की म’दद क’रना चा’हते हैं। व’ह क’हते हैं कि रो’बिन तो आ’ने वा’ले स’मय में क’लाम जै’सा ब’ड़ा वैज्ञा’निक बने’गा।