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ब’ड़ी ख’बर: पू’र्व विधा’यक के नि’धन के कु’छ दे’र बा’द ही प’त्नी ने भी तो’ड़ा द’म, ए’क ही चि’ता प’र हु’आ अंति’म संस्का’र, दे’खें…

हिंदी खबर

गोपा’लगंज. बिहा’र के गोपा’लगंज में मंगल’वार को ए’क म’र्माहत क’रने वा’ली घट’ना सा’मने आ’ई. य’हां 85 व’र्षीय पू’र्व विधा’यक (Former MLA) के नि’धन के म’हज कु’छ घं’टे के अ’न्दर ही उन’की प’त्नी ने भी द’म तो’ड़ दि’या. प’ति-प’त्नी के एक’साथ दे’हांत की ह’र तर’फ च’र्चा है. य’ह पू’रा वा’कया मोह’म्मदपुर के महरा’नी प’नडूही टो’ला का है. दरअ’सल, बैकुंठ’पुर के महा’रानी प’नडूही टो’ला में नवा’से प’र र’ह र’हे पू’र्व विधाय’क रा’ज नं’दन रा’य का सो’मवार की दे’र शा’म नि’धन हो ग’या था. उ’नके निध’न के बा’द पू’र्व विधाय’क की बु’जुर्ग प’त्नी इ’स क’दर आ’हत हु’ईं कि उन’का भी निध’न अ’पने प’ति के श’व के पा’स ही हो ग’या. वो प’ति के निध’न के बा’द उ’नके श’व के पा’स विला’प क’र र’ही थीं.

सी’तामढ़ी जि’ला के सो’नबरसा विधान’सभा से विधा’यक र’ह चु’के रा’ज नं’दन रा’य म’हम्मदपुर था’ने के महा’रानी प’नडूही टो’ला स्थि’त अ’पने ससु’राल में व’र्षों से र’ह र’हे थे. सो’मवार की दे’र शा’म उ’न्हें सां’स ले’ने में दि’क्कत हु’ई, जि’सके बा’द इला’ज क’राने के लि’ए ले जा’ने से पह’ले ही उ’नकी मौ’त हो ग’ई. 85 व’र्षीय पू’र्व विधा’यक की मौ’त से आ’हत प’त्नी श्र’द्धा दे’वी प’ति के श’व के समी’प बिल’खती र’हीं. वो इ’स मौ’त से इ’स क’दर स’दमे में थीं कि उन्हों’ने भी दो घं’टे के बा’द द’म तो’ड़ दि’या.

प’रिजनों ने बता’या कि रा’ज नंद’न रा’य 1969 में सोनब’रसा से कां’ग्रेस के टि’कट प’र चु’नाव लड़’कर विधा’यक ब’ने थे. वो मधु’र औ’र शां’त स्वभा’व के थे. वो अ’पनी प’त्नी को बहु’त मा’नते थे औ’र दो’नों लो’ग क’ही भी जा’ते थे तो ए’क दू’सरे का सा’थ न’हीं छो’ड़ते थे. बुढ़ा’पा के बा’द भी दो’नों सा’थ सा’थ ही क’हीं आ’ते या जा’ते थे. ग्रामी’णों की उ’पस्थिति में मंग’लवार की सु’बह ए’क ही चि’ता प’र प’ति-प’त्नी की अंत्ये’ष्टि की ग’ई. मो’हम्मदपुर के डुम’रिया स्थि’त पवि’त्र नाराय’णी न’दी के महारा’नी घा’ट प’र दंप’ति की चि’ता को मु’खाग्नि दी ग’ई.



ग्रामी’णों ने अश्रुपू’रित ने’त्रों से प’ति-प’त्नी को अंति’म वि’दाई दी, व’हीं ए’क ही चि’ता प’र प’ति-प’त्नी की श’व या’त्रा औ’र नि’धन की ख’बर क्षे’त्र में च’र्चा का वि’षय ब’ना हु’आ है औ’र लो’ग प’ति प’त्नी की इ’स अ’नूठी चा’हत की खू’ब च’र्चा क’र र’हे है. स्था’नीय मुखि’या उ’पेंद्र रा’य ने बता’या कि दंप’ति की नि’धन की सू’चना पू’र्व विधाय’क के परि’जनों को भी दी ग’ई है. पू’र्व विधा’यक के बे’टा ला’ल बा’बू प्रसा’द या’दव भी नि’धन के स’मय मौ’जूद थे.