Categories
News

कै’से प’ता ल’गाए कि ल’ड़की व’र्जिन है या न’हीं, से’क्स गु’रु के पा’स है इ’न सा’रे सवा’लों के ज’वाब, जा’निए…

हिंदी खबर

मुंबई: भा’रत जै’से दे’श में ज’हां ‘से’क्स’ (Sex) श’ब्द जु’बां प’र आ’ते ही लो’ग अ’सहज हो जा’ते हैं, व’हां डॉ’क्टर म’हिंद्र व’त्स (Dr. Mahinder Watsa) ने इ’स विष’य प’र न केव’ल खुल’कर बा’त की. ब’ल्कि लो’गों को बेझि’झक से’क्स से जु’ड़े सवा’ल पूछ’ने का मौ’का भी दि’या. सी’धे श’ब्दों में क’हें तो डॉ’क्टर व’त्स ने यौ’न शि’क्षा जै’से टै’बू विष’य को आ’म लो’गों त’क सह’जता से पहुं’चाने का का’म कि’या. ले’किन गुज’रता सा’ल उ’न्हें हम’से छी’न ले ग’या. 96 वर्षी’य डॉ’क्टर व’त्स का सोम’वार को नि’धन हो ग’या. उन्हों’ने अ’पनी पू’री जिं’दगी में क’रीब 40 ह’जार लो’गों की से’क्स सम”स्याएं (Sex Problems) सु’लझाईं. सा’थ ही ए’क अंग्रे’जी अख’बार के जरि’ए 20,000 रीड’र्स के सवा’लों के ज’वाब भी दि’ए.

1960 में मि’ला था कॉ’लम लि’खने का Offer

अप’नी श’र्तों प’र जीव’न जी’ने वा’ले डॉ’क्टर म’हिंद्र व’त्स (Dr. Mahinder Watsa) रो’चक औ’र मजा’किया अं’दाज में से’क्स सं’बंधित सवा’लों के ज’वाब दे’ने के लि’ए म’शहूर थे. डॉ. व’त्स को 1960 के द’शक में प’हली बा’र ए’क मैग्जी’न में से’क्स प’र कॉ’लम लि’खने का ऑ’फर आ’या था, ले’किन त’ब उन्हों’ने ये कह’कर इन’कार क’र दि’या था कि उ’न्हें अ’भी इत’ना अ’नुभव न’हीं है. इ’सके बा’द उन्हों’ने फै’मिली प्लानिं’ग एसो’सिएशन ऑ’फ इं’डिया (FPAI) के लि’ए का’म कि’या औ’र बा’द में का’उंसिल ऑ’फ से’क्स ए’जुकेशन एं’ड पै’रेंट हु’ड इंटर’नेशनल (CSEPI) की स्थाप’ना की. बतौ’र से’क्स एक्स’पर्ट वे पि’छले क’ई सा’ल त’क मुं’बई के ए’क अंग्रे’जी अख’बार से भी जु’ड़े र’हे.

बना’ई थी ए’क अल’ग पह’चान

डॉ’क्टर व’त्स अ’पने पाठ’कों को उ’नके स’वालों के का’फी मजे’दार ज’वाब दि’या कर’ते थे. इ’स व’जह से उन’की ए’क अ’लग पह’चान ब’न ग’ई थी. क’भी-क’भी उ’नके जवा’ब ऐ’से हो’ते कि प’ढ़ने वा’ले के लि’ए अप’नी हं’सी रोक’ना मु’श्किल हो जा’ता. हा’लांकि, उन’के ज’वाब से’क्स से जु’ड़ी भ्रांति’यों को दू’र क’रने में का’फी का’रगर हो’ते थे. आ’इए उ’नके ऐ’से ही कु’छ जवा’बों प’र न’जर डा’लते हैं: 

स’वाल: मैं 20 सा’ल का ल’ड़का हूं औ’र प’ड़ोस में रह’ने वा’ली 15 सा’ल ब’ड़ी महि’ला की त’रफ आ’कर्षित हूं. मु’झे ऐ’सा ल’गता है कि वो भी मु’झमें दि’लचस्पी रख’ती है, क्यों’कि वो मु’झे घूर’ती रह’ती है. मैं’ने अ’पनी फी’लिंग्स रो’कने की का’फी को’शिश की ले’किन वो ह’र दि’न बढ़’ती ही जा र’ही है, मु’झे क्या क’रना चा’हिए?  

ज’वाब: अ’गर तु’म व्यव’हार से जु’ड़े सा’इंस को पढ़ो’गे तो स’मझ जा’ओगे कि वो तुम्हा’रे बा’रे में क्या सोच’ती है. य’दि जै’सा तु’म सो’च र’हे हो वै’सा न’हीं है तो हो स’कता है कि तुम्हा’रे गा’ल प’र ए’क चा’टा प’ड़ जा’ए. इस’लिए अप’नी फी’लिंग्स को औ’र ज्या’दा रोक’ने की को’शिश क’रो.

स’वाल: मे’री शा’दी को 6 म’हीने हो चु’के हैं. मु’झे लग’ता है कि मे’री प’त्नी कि’सी औ’र से प्या’र कर’ती है?

ज’वाब: आ’प जा’सूस क्यों ब’नना चा’हते हैं? अ’पनी प’त्नी से बा’त क’रें औ’र उस’का वि’श्वास हा’सिल क’रें.

सवा’ल: दो दि’न पह’ले मैं’ने अप’नी ग’र्लफ्रेंड के सा’थ बि’ना प्रो’टेक्शन के से’क्स कि’या. प्रेग्नें’सी से ब’चने के लि’ए मैं आ’ई-पि’ल ले’कर आ’या. ले’किन जल्द’बाजी में उ’से खि’लाने की ब’जाए वो मैं खु’द खा ग’या तो क्या मु’झे को’ई कॉम्पलिके’शन हो स’कते हैं.

ज’वाब: अग’ली बा’र कृप’या कॉ’न्डम का इस्ते’माल क’रें औ’र ध्या’न र’खें कि उ’से निग’लना न’हीं है.

स’वाल: मे’रा परि’वार चाह’ता है कि मैं शा’दी क’र लूं, ले’किन मैं ये कै’से प’ता ल’गाऊं कि लड़’की वर्जि’न है या न’हीं?

ज’वाब: मैं तु’म्हें शा’दी न क’रने की स’लाह दे’ता हूं. कि’सी लड़’की प’र अप’ने श’क्की दि’माग का प्रयो’ग बं’द क’र दो.

सवा’ल: मैं’ने सु’ना है कि कि’सी भी त’रह का अम्ली’य प’दार्थ प्रेग्नें’सी रो’क स’कता है?

जवा’ब: क्या तु’म को’ई भेल’पूरी वा’ले हो? तु’म्हें क’हां से ये फ’र्जी आइ’डिया आ’या?

सवा’ल: मैं 22 व’र्षीय यु’वक हूं. मे’रा ए’क दू’र की रिश्तेदा’र प’र दि’ल आ’या है, लेकि’न वो 40 सा’ल की है. वो मु’झे दे’खकर अक्स’र हं’स दे’ती है, क्या ये ग्री’न सि’ग्नल है? क्या वो मे’रे सा’थ से’क्स के लि’ए तैया’र है?

ज’वाब: इंतजा’र क’रो, ज’ब त’क सिग्न’ल रे’ड न हो जा’ए औ’र फि’र घ’र च’ले जा’ना.