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हत्यारि’न बे’टी: ल’ड़की ने अ’पने ही मा’ता पि’ता को नीं’द की गो’लियां खि’लाकर, उता’रा मौ’त के घा’ट, वज’ह आ’पके हो’श उ’ड़ा दे’गी, दे’खें तस्वी’रें…

हिंदी खबर

इं’दौर (म’ध्य प्र’देश). ती’न दि’न पह’ले गुरुवा’र को आ’रक्षक ज्यो’ति श’र्मा औ’र उन’की प’त्नी नी’लम की ह’त्या क’रने वा’ली बे’टी को इं’दौर पु’लिस मंदसौ’र ले’कर पहुं’ची। म’म्मी-पा’पा का क’त्ल क’रने के बा’द बा’द वह अ’पने प्रे’मी डी’जे के सा’थ य’हां की होट’ल में रु’की थी। जां’च के दौ’रान पु’लिस को क’मरे से लड़’की का ए’क बै’ग मि’ला है। जि’समें ए’क ल’व ले’टर मि’ला है, जो उस’ने कु’छ दि’न पह’ले अप’ने प्रे’मी डी’जे के लि’ए लि’खा था। इ’स प्रे’म प’त्र में लि’खा हु’आ कि वह इ’श्क में कि’स ह’द त’क पाल’ग थी। अ’पने प्या’र की खा’तिर वह कि’सी भी ह’द त’क जा’ने के लि’ए तै’यार थी। पढ़ि’ए हत्या’रिन बे’टी के ल’व ले’टर..वो 5 मि’नट जिं’दगी सब’से मी’ठे प’ल… Madhya Pradesh लड़’की ने य’ह ल’व लेट’र अपने प्रेमी डीजे के लिए लिखा था, लेकिन वह दे नहीं पा’ई थी। जि’समें लि’खा है कि ”सि’र्फ 5 मि’नट ही स’ही क’म से क’म आप’से (डी’जे) ए’क मुला’कात तो हु’ई। आ’पसे हु’ई इ’स मुला’कात जिं’दगी के स’बसे की’मते औ’र मी’ठे प”ल हैं। मैं चाह’ती हूं कि वो प’ल कु’छ ल’म्हों के लि’ए व’हीं ठ’हर जा’एं। क्यों’कि वो वाप’स क’भी न’हीं आ स’कते हैं। आप’के लि’ए जिंद’गी कु’र्बान है। अग’र आ’प मे’रे न’हीं हु’ए तो मैं आ’पको कि’सी का न’हीं हो’ने दूं’गी। मैं चा’हती हूं कि ह’म दो’नों के बी’च क’भी को’ई न’हीं आ’ए। अग’र जो भी आ’एगा उस’का अंजा’म बु’रा हो’गा। मु’झे सो’च सम’झकर ब’हुत म’जा आ र’हा है। इस’लिए कि’सी को भी दो’नों की जिंद’गी के बी’च में न’हीं आ’ने दें’गे”

ब’ता दें कि लड़’की ने कबू’ल क’र लि’या है कि उ’सने प्रे’मी डी’जे के सा’त मिल’कर ही अप’ने म’म्मी पा’पा का क’त्ल कि’या था। सा’थ ही य’ह भी क’हा कि उन’को रा’स्ते से हटा’ने का य’ह प्ला’न व’ह पि’छले दो दि’न से ब’ना र’हे थे। पुलि’स ने बे’टी को नाबा’लिग हो’ने के च’लते बा’ल सुधा’र गृ’ह भे’ज दि’या है, व’हीं प्रे’मी डी’जे को  21 दिसं’बर त’क पुलि’स रि’मांड प’र र’खा है। ( आ’रोपी धनज’य उ’र्फ डी’जे)

अ’पने म’म्मी पा’पा की ह’त्या कर’ने के बा’द भी बे’टी को को’ई पछ’तावा न’हीं है। व’ह कह’ती है कि वो डी’जे से ब’हुत प्या’र कर’ती है। अ’पनी प्रे’म का’हानी सुना’ते हु’ए बो’ली-कु’छ मही’नों पह’ले डी’जे से आ’ते-जा’ते मुला’कात हु’ई थी, फि’र दो’नों में ग’हरी दो’स्ती हो ग’ई। लेकि’न य’ह दो’स्ती क’ब प्या’र में ब’दल ग’ई प’ता ही न’हीं च’ला। ह’म दो’नों को मि’लते मे’रे पा’पा ने दे’ख लि’या था। उन्हो’ने मे’री डी’जे की पि’टाई भी की औ’र मे’रे अ’केले घ’र से निक’लने प’र पा’बंदी ल’गा दी। फि’र क्या था य’हीं से हम’ने सो’च लि’या था कि अ’ब तो ह’म मि’लकर र’हेंगे चा’हे इस’के लि’ए परि’वार से भी क्यों ना दू’र जा’ना प’ड़े। ले’किन पि’ता का ड’र था, क्यों’कि व’ह पुलि’स में थे, क’हीं जा’ते तो व’ह प’कड़ सक’ते थे। इस’लिए मैं’ने डी’जे के सा’थ मिल’कर उन’को मा’रने की प्ला’निंग ब’नाई। (मृ’तक आर’क्षक अप’ने परिवा’र के सा’थ)

नीं’द की गोलि’यां ले’ने के लि’ए ज’ब मैं दु’कान प’र ग’ई तो व’हां न’हीं मि’ली। इस’के बा’द डी’जे य’ह गो’ली ले’कर आ’या। दो दि’न प’हले डी’जे ने 500 रुप’ए  में क’त्ल क’रने का हथि’यार भी ख’रीद लि’या था। गुरु’वार रा’त मैं’ने म’म्मी-पा’पा के खा’ने में व’ह नीं’द की गो’लियां मि’ला दीं। खा’ना खा’ने के बा’द व’ह गह’री नींद में सो ग’ए। इस’के बा’द मैं’ने डी’जे को कॉ’ल क’रके बु’ला लि’या। सब’से पह’ले मह’ने मां की ह’त्या की। मैंने भी म’म्मी के सि’र प’र वा’र कि’ए। उ’नकी ची’ख सुन’कर पा’पा जा’ग ग’ए तो हम’ने पी’छे से उ’नके सि’र प’र भी रॉ’ड दे मा’री। दो’नों खू’न से लथप’थ हो’कर कम’रे में गि’र प’ड़े। फि’र मैं कु’त्ता घु’माने के ब’हाने बा’हर ग’ई, ता’कि कि’सी को को’ई श’क ना हो।

डीआ’ईजी हरिना’रायणचारी मि’श्र ने ब’ताया कि पुलि’स ने 24 घं’टे के भी’तर ही श’र्मा दंप’ती की ह’त्या क’रने वा’ले आ’रोपी धनं’जय  (डी’जे) औ’र उस’की नाबा’लिग प्रेमि’का को गिर’फ्तार क’र लि’या ग’या। (मृ’तक आ’रक्षक के पि’ता रो’ते हु’ए)

ब’ता दें कि गुरु’वार सुब’ह स’बसे प’हले आ’रक्षक ज्यो’ति श’र्मा औ’र उन’की प’त्नी नी’लम श’र्मा की ह’त्या का प’ता उ’नके बे’टे को च’ला था। ज’ब व’ह अ’पने दा’द-दा’दी के घ’र से आ’या तो म’म्मी-पा’पा खू’न से ल’थपथ हो’कर क’मरे में प’ड़े थे। बे’टे के ची’खने के बा’द आस’पास के लो’गों की भी’ड़ ज’मा हो ग’ई थी। (आर’क्षक ज्यो’ति श’र्मा का बे’टा)