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कोरोना के बीच ही प्रदेश में आयी सदी की सबसे बड़ी आफत…राज्य के 23 जिले हुयें तबाह ,, आसमान सें…..

मौसम

मौसम के करवट बदलने से उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में बारिश और ओले गिरे। राज्य के विभिन्न जिलों में आये आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 30 लोगों को जान गंवानी पड़ी। कन्नौज और उन्नाव में छह-छह लोगों की मौत हो गईं। वहीं, कानपुर में बिल्हौर तहसील मुख्यालय के आसपास सदी की सबसे भयंकर ओलावृष्टि हुई। 

इस भयंकर ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ। कई गांवों, नगर-मोहल्लो में लगभग 20 मिनट तक एक-एक किलो वजन के ओले गिरने से लोग घरों से चीखने चिल्लाने पर मजबूर हो गए। कई स्थानों पर दीवारें, पानी की टंकियां, बाइक-कार व अन्य वाहन, सोलर प्लेट, टिनशेड, पाइप लाइन, बिजली तार-खंभे, ट्रांसफार्मर, घरों के बाहर बंधे मवेशियों, पशुवाड़ा, चाहरदीवार टूटने और तबाह होने से भारी नुकसान हुआ है। 

इस बीच पेड़ गिरने से एक युवक की मौत हो गई। कई गांवों में मवेशी, मुर्गियां, पक्षी और घरेलू पशुओं के मरने-चुटहिल होने की सूचना है। देवहा, बेदीपुर, सांभी, बंभियापुर, बरौली, राढ़ा, रसूलपुर, कटहा सहित कई गांवों में चरवाहों, किसानों और राहगीरों के लहूलुहान होने की सूचना देर रात तक जारी रही। 

यहां शनिवार दोपहर 3 बजे के करीब तेज हवाएं और बूंदाबादी होने लगी, जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक हवाओं ने तूफान का रुख अख्तियार कर लिया और ओले गिरने लगे। कुछ ही देर में करीब एक-एक किलो वजन के पत्थर वाले ओले बरसने लगे। छप्परों, टिनशेड, पेड़ों के नीचे शरण लिए लोगों में चीख पुकार मच गई। खुले में खड़ी गाडियों के शीशे टूट गए। 

वहीं, बंभियापुर गांव में आंधी-तूफान में भारी भरकम पेड़ गिरने से बृजेंद्र कुमार (37) की मौत हो गई। औरंगपुर सांभी गांव स्थित राजकीय आईटीआई की चाहरदीवारी गिरने से 25 बकरियां मर गईं और दो भैंसें घायल हो गईं। दनियापुर गांव में समीर कटियार के मुर्गी फार्म की 500 मुर्गी बच्चा मर गए। ओलों की मार से टिनशेड छलनी हो गया। विषधन में पेड़ गिरने से बलराम का दुधारू मवेशी मर गया और गुड्डन का मुर्गी फार्म जमींदोज हो गया। 

इस भारी ओलावृष्टि के चलते जीटी रोड पूरी तरह जाम हो गई। रेलवे ओएचई भी टूट गई। बिल्हौर एसडीएम साईं तेजा सीलम ने बताया कि इस भारी ओलावृष्टि से चल-अचल संपत्ति और फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। एक युवक और कई पशुओं की मौत हुई है। कई इलाकों में घर भी गिरे हैं। सभी राजस्व कर्मियों को अलर्ट जारी किया गया है, अन्य विभागों से भी सहयता ली जा रही है। राहत टीमें जल्द से जल्द पीड़ितों तक पहुंचने का प्रयास कर रहीं हैं।

इसके अलावा आगरा में तीन, रायबरेली में तीन, प्रतापगढ़ में दो, प्रयागराज में तीन, कानपुर, कौशांबी, गोंडा, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर में एक-एक और मैनपुरी में दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई। पीलीभीत में बिजली गिरने से नौ लोग झुलस गए। फीरोजाबाद में 10, आगरा में नौ और पीलीभीत में एक व्यक्ति घायल हुआ। मैनपुरी में 20, फीरोजाबाद में 17 और आगरा में 10 पशुओं की भी जान ले ली। फीरोजाबाद में 13 कच्चे मकान और आगरा में तीन कच्चे घर व एक झोपड़ी क्षतिग्रस्त हुई। आंधी तूफान से आगरा के ताज महल के साथ अन्य स्मारकों को भी नुकसान हुआ है।