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हो’म वा’स्तु टि’प्स: इ’स दि’शा में बे’डरूम से प’ति प’त्नी के सं’बंध हों’गे खरा’ब, प्या’र भ’रा न’हीं हो’गा…

धार्मिक खबर

वा’स्तु शा’स्त्र में दक्षि’ण-पू’र्व दि’शा को आग्ने’य को’ण के रू’प में भी जा’ना जा’ता है। य’ह दि’शा पू’र्व औ’र दक्षि’ण दि’शा के बी’च स्थि’त हो’ती है। इ’स दि’शा का प्रति’निधि ग्र’ह शु’क्र है। शु’क्र आग्ने’य को’ण का स्वा’मी है औ’र स्त्रि’यों का का’रक ग्र’ह है। आग्ने’य को’ण का कि’सी भी व्य’क्ति की आर्थि’क स्थि’ति से ले’कर उ’सके स्वा’स्थ्य त’क जी’वन के क’ई मह’त्वपूर्ण पहलु’ओं प’र ब’ड़ा प्रभा’व प’ड़़ता है। इस’का संबं’ध ए’क व्य’क्ति की सुन्दर’ता औ’र उस’के व्य’क्तित्व से भी हो’ता है। आ’इये जान’ते हैं वा’स्तुकार संज’य कु’डी से आ’ग्नेय को’ण के लि’ए वा’स्तु औ’र आ’प प’ड़ने वा’ले उस’के शु’भ-अशु’भ प्रभा’व।

आ’ग्नेय को’ण में बेड’रूम का नि’र्माण

य’ह अ’ग्नि त’त्व से सम्बंधि’त दि’शा है औ’र य’हां प’र नि’र्मित बे’डरूम में सो’ने वा’ला श’ख्स स्वभा’व से ब’हुत उ’ग्र हो जा’ता है। अ’गर शादी’शुदा लो’ग इ’स स्था’न प’र सो’ते हैं, तो प’ति-प’त्नी के बी’च छो’टी-छो’टी बेम’तलब की बा’तों प’र लड़ा’ई हो’ती रह’ती है। अ’गर को’ई व्य’क्ति उ’त्तर दि’शा की ओ’र सि’र क’रके आग्ने’य को’ण के बे’डरूम में सो’ता है, तो उसे अनि’द्रा से सम्बं’धित स’मस्या हो’ने की का’फी संभा’वना हो’ती है। अ’तः य’ह दि’शा घ’र के स’दस्यों के बे’डरूम बना’ने के लि’ए उ’चित न’हीं है।

आ’ग्नेय दि’शा में सी’ढ़ियों का नि’र्माण

आग्ने’य दि’शा में सी’ढ़ियों का नि’र्माण क’रना हो, तो इ’सके लि’ए पू’र्वी आ’ग्नेय दि’शा अ’धिक उ’पयुक्त है। अग’र कि’सी का’रणवश सटी’क आग्ने’य को’ण में ही सीढ़ि’यों का नि’र्माण क’रना हो, तो इ’स बा’त का विशे’ष ध्या’न र’खें कि सीढ़ि’यां क्लॉ’क-वाइ’ज ब’नी हों क्यों’कि आ’ग्नेय में क्लॉ’क-वा’इज घुम’ती हु’ई सी’ढ़ियां व्य’क्ति को स्वभा’व से थो’ड़ा शां’त बना’ती हैं। क्रो’ध प’र नियं’त्रण रख’ने में भी सहा’यक हो’ती हैं।

आ’ग्नेय दि’शा में कि’चन का नि’र्माण

रज’स ऊ’र्जा से यु’क्त आ’ग्नेय दि’शा में कि’चन का निर्मा’ण ब’हुत शु’भ हो’ता है। य’ह कि’चन के नि’र्माण के लि’ए उत्त’म स्था’नों में से ए’क है। य’हाँ स्थि’त कि’चन व्य’क्ति की आ’र्थिक स्थि’ति बेह’तर कर’ती है औ’र रु’के हु’ए ध’न को प्रा’प्त क’रने में भी मदद’गार हो’ती है।

आग्ने’य दि’शा में अंड’रग्राउंड वा’टर टैं’क का नि’र्माण

अ’ग्नि औ’र ज’ल ए’क दू’सरे के विरो’धी त’त्व हैं। अ’तः आ’ग्नेय दि’शा में स्थि’त अंड’रग्राउंड वा’टर टैं’क ध’न के सका’रात्मक प्र’वाह को रो’कता है औ’र महि’लाओं के स्वा’स्थ्य प’र भी प्रति’कूल प्रभा’व डाल’ता है, इस’लिए ऐ’सी प’रिस्थिति से बच’ने के लि’ए आ’ग्नेय दि’शा में अं’डरग्राउंड वाट’र टैं’क का नि’र्माण न’हीं’ कर’ना चा’हिए। से’प्टिक टैं’क का नि’र्माण भी आ’ग्नेय में क’रना वा’स्तु दो’ष का कार’ण ब’नता है।

ध्या’न रख’ने यो’ग्य कु’छ बा’तें-

1- आ’ग्नेय दि’शा ई’शान औ’र वा’यव्य से भा’री हो’नी चा’हिए, लेकि’न य’ह नै’ऋत्य दि’शा से ह’ल्की हो इ’स बा’त का ध्या’न र’खना ज’रुरी है।

2- घ’र का आ’ग्नेय को’ण वैद्यु’तिक औ’र इ’लेक्ट्रॉनिक उपक’रण र’खने के लि’ए अ’च्छा स्था’न है।

3- अ’गर घ’र में स्थि’त पे’ड़ आ’ग्नेय दि’शा से आ’ने वा’ली सू’र्य की किर’णों को घ’र में आ’ने से रोक’ते हैं, तो उ’न्हें ह’टाना बेह’तर हो’गा। बहु’त अधि’क ऊँ’चे पे’ड़ लगा’ने के लि’ए य’ह स्था’न उप’युक्त न’हीं है।