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शा’दी से प’हले जा’निए कै’सा हो’गा आ’पका जीव’नसाथी, औ’र वैवा’हिक जीव’न…

धार्मिक खबर

मेष

य’दि कि’सी कुं’डली का सप्त’म भा’व मे’ष रा’शि का है तो उस’का जी’वन सा’थी भू’मि, भ’वन औ’र क’ई सम्पति’यों का मालि’क हो’ता है। इन’का वैवा’हिक जी’वन सु’खी औ’र समृद्धिशा’ली र’हता है।

वृ’ष

जिन’की कुंड’ली के सप्त’म भा’व में वृ’ष रा’शि स्ति’थ है, उन’का प’ति सुन्द’र औ’र गुण’वान हो’ता है। वृ’ष रा’शि का सप्त’म भा’व हो’ने से सा’थी मी’ठा बो’लने वा’ला औ’र प’त्नी की बा’त मा’नने वा’ला हो’ता है।

मि’थुन

य’दि कि’सी की कुंड’ली में स’प्तम भा’व मि’थुन रा’शि का है तो उ’स क’न्या का प’ति दि’खने में सा’मान्य, सम’झदार औ’र अ’च्छे विचा’रों वा’ला हो’ता है। इ’नका जी’वन सा’थी च’तुर व्यवसा’यी हो’ता है।

क’र्क

जिन’की कुं’डली का सप्त’म भा’व क’र्क रा’शि का है, उन’का जी’वन सा’थी सु’न्दर रं’ग रू’प वा’ला हो’ता है। इन’का प’ति घ’र-परि’वार औ’र स’माज में मा’न-स’म्मान प्रा’प्त कर’ता है।

सिं’ह

य’दि कुंड’ली का सा’तवां भा’व सिं’ह रा’शि का हो तो स्त्री का प’ति खु’द की बा’त मन’वाने वा’ला हो’ता है, लेकि’न ईमा’नदार हो’ता है। ईमा’नदारी के कार’ण स’माज में प्र’तिष्ठा मिल’ती है।

क’न्या

जि’स ल’ड़की की कुं’डली के स’प्तम भा’व में क’न्या रा’शि हो, उस’का प’ति आक’र्षक व्य’क्तित्व वा’ला औ’र गुण’वान हो’ता है। ऐ’सी लड़’की का जी’वन विवा’ह के बा’द औ’र अ’धिक अ’च्छा हो जा’ता है।

तु’ला

कि’सी की कुंड’ली में स’प्तम भा’व तु’ला रा’शि का हो तो इ’स स्था’न का स्वा’मी शु’क्र है। शु’क्र के प्रभा’व से इ’नका प’ति शि’क्षित औ’र सुन्द’र हो’गा। जी’वन सा’थी ह’र स’मस्या में प’त्नी का सा’थ दे’ने वा’ला हो’गा।

वृ’श्चिक

जि’न लड़कि’यों की कुंड’ली का सप्त’म भा’व वृश्चि’क रा’शि का है, उ’न्हें रा’शि स्वा’मी मं’गल के प्र’भाव से सु’शिक्षित प’ति की प्रा’प्ति हो’ती है। इन’का जी’वन सा’थी क’ठिन प’रिश्रम क’रने वा’ला हो’ता है।

ध’नु

जि’स स्त्री की कुं’डली में स’प्तम भा’व ध’नु रा’शि का है, उस’का प’ति स्वाभि’मानी हो’ता है। ऐ’सी क’न्या का जीव’न सा’थी सा’मान्य परि’वार का हो’ता है औ’र सा’मान्य जी’वन व्यती’त क’रता है।

म’कर

य’दि कि’सी ल’ड़की की कुं’डली का सप्त’म भा’व म’कर रा’शि का है तो उस’का जी’वन सा’थी धा’र्मिक का’र्यों में अ’धिक रू’चि र’खता है। इन’का वि’श्वास दि’व्य श’क्तियों में अधि’क रह’ता है।

कुंभ

य’दि कुं’डली का स’प्तम भा’व कु’म्भ रा’शि का है तो जी’वन सा’थी आस्था’वान औ’र स’भ्य हो’ता है। ऐ’सी लड़’की का वैवा’हिक जी’वन भी मधु’र हो’ता है औ’र स’भी सु’ख-सुविधा’ओं वा’ला हो’ता है।

मी’न

कुंड’ली का स’प्तम भा’व मी’न रा’शि का हो’ने प’र स्त्री का प’ति गुण’वान औ’र धा’र्मिक हो’ता है। ये लो’ग आ’कर्षक व्य’क्तित्व वा’ले हो’ते हैं। का’र्य क्षे’त्र में शि’खर त’क पहुँ’चते हैं औ’र परि’वार में सम्मा’न पा’ते है।